संदेशखाली में फिर तनाव! फूंक दी गई झोपड़ी, महिलाओं का आरोप- शेख के भाई ने भी हड़पी जमीन

संदेशखाली मामला: पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में फिर से तनाव की खबर है. गुरुवार (22 फरवरी, 2024) को वहां के बेरमजूर में स्थिति तब बिगड़ी जब कुछ स्थानीय महिलाओं ने मामले में फरार चल रहे आरोपी शाहजहां शेख (तृणमूल कांग्रेस से जुड़े) के भाई पर जमीन हड़पने के आरोप लगाए.

जानकारी के मुताबिक, वहां इसी दौरान कुछ लोगों ने नजदीक में 1 झोपड़ी फूंक दी. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिन लोगों ने भूमि का गबन किया है, उन्होंने ही उस घर में आग लगाई थी.

‘पीएम मोदी कर सकते हैं पीड़ित महिलाओं से मुलाकात’

बंगाल के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने गुरुवार (22 फरवरी 2024) को संकेत दिया कि पीएम नरेंद्र मोदी 6 मार्च को बारासात में एक विशेष कार्यक्रम में संदेशखाली की प्रताड़ित महिलाओं से मुलाकात कर सकते हैं. सुकांत मजूमदार ने कहा, महिलाएं चाहेंगी तो इसकी व्यवस्था की जाएगी.

दो दिन पहले भी हुआ था काफी हंगामा

संदेशखाली में मंगलवार (20 फरवरी) को भी काफी हंगामा हुआ था. तब संदेशखाली केस में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की शुरुआती जांच बैठाई गई थी. इसी दिन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के शुभेन्दु अधिकारी को कोलकाता पुलिस ने संदेशखाली जाने से रोक दिया था. वह धरने पर बैठ गए थे. बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें वहां जाने की इजाजत दे दी थी.

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी 22 फरवरी को पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि पुलिस के काम में कोताही हो रही है. पुलिस सही से भूमिका नहीं निभा रही है. मैं जब गलियों में घूम रही थी तब एसपी साहब कुर्सी पर बैठे थे. वह समझना नहीं चाहते हैं.

क्या है संदेशखाली में इतने हंगामे की वजह?

संदेशखाली में 9 फरवरी से काफी बवाल हो रहा है. दरअसल, यह इलाका टीएमसी के नेता शाहजहां शेख के दबदबे वाला है. शाहजहां शेख राशन घोटाले में 5 जनवरी को ईडी की छापेमारी के दौरान टीम पर हुए हमले के बाद से फरार है. उसके फरार होने के बाद 8 फरवरी से स्थानीय महिलाओं ने शाहजहां शेख और उनके समर्थकों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया. महिलाओं ने आरोप लगाया कि शाहजहां शेख और उसके लोग महिलाओं का यौन शोषण भी करते थे. 9 फरवरी को प्रदर्शनकारी महिलाओं ने शाहजहां समर्थक हाजरा के तीन पोल्ट्री फार्मों को जला दिया. महिलाओं का दावा था कि वे स्थानीय ग्रामीणों से जबरन छीनी गई जमीन पर बने थे. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने भी यहां का दौरा करने के बाद कहा था कि, संदेशखाली में स्थिति काफी गंभीर है.

स्त्रोत – ABP Live न्यूज़

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