लोहार्गल रामदेव मंदिर विवाद: मंदिर प्रबंधन से टकराव, बिना अनुमति बैठक पर हंगामा, कानूनी कार्रवाई तय

लोहार्गल: झुंझुनूं जिले के प्रसिद्ध लोहार्गल धाम स्थित बाबा रामदेव मंदिर में रविवार को बिना अनुमति घुसकर कुछ लोगों द्वारा बैठक आयोजित करने और अवैध रूप से नई कार्यकारिणी घोषित करने का मामला सामने आया है। मंदिर प्रबंधन ने इसे असंवैधानिक कदम बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे मेघवाल समाज और स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच नाराज़गी बढ़ गई है।

लोहार्गल के बाबा रामदेव मंदिर में अचानक कुछ लोगों के पहुंचकर मंदिर कमेटी को सूचित किए बिना बैठक करने से विवाद खड़ा हो गया। मौके पर पहुंचे श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने बताया कि मंदिर परिसर में अव्यवस्था फैलने की जानकारी से माहौल तनावपूर्ण हो गया।

मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष मनोहर लाल मोरदिया ने कहा कि यह धाम मेघवाल समाज की आस्था का केंद्र है और वर्तमान समिति वर्षों से मंदिर प्रबंधन कर रही है। उनके अनुसार, कुछ लोगों ने 18 जनवरी को जानबूझकर भ्रम फैलाकर मंदिर की नई कार्यकारिणी घोषित करने की कोशिश की।

उपाध्यक्ष बलबीर भूकर और अन्य स्थानीय पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मंदिर का पैसा और प्रबंधन हड़पने की नीयत से साजिश रची गई है। उन्होंने बताया कि न तो प्रबंध समिति को सूचना दी गई और न ही मौजूद कार्यकारिणी के किसी सदस्य को बैठक में बुलाया गया।

मनोहर मोरदिया ने कहा कि संस्थान की नई कार्यकारिणी तभी बन सकती है जब मौजूदा अध्यक्ष बैठक बुलाकर चुनाव प्रक्रिया कराए। उन्होंने दावा किया कि ज्यादातर उपद्रव करने वाले मंदिर समिति के सदस्य तक नहीं हैं और उन्होंने दान पत्र, ऑफिस और रजिस्टरों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की।

समिति से जुड़े सदस्यों से चर्चा के बाद मोरदिया ने कहा कि मंदिर की शांति भंग करने और संस्था के संविधान के खिलाफ चलने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

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