राहुल गांधी का पुंछ दौरा: पाकिस्तानी गोलाबारी से पीड़ित परिवारों से मिले, कहा – ‘देशभक्त परिवारों के हौसले को सलाम’

पुंछ, जम्मू-कश्मीर: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिला पुंछ के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने पाकिस्तानी गोलाबारी में जान गंवाने वाले नागरिकों के परिजनों से मुलाकात की। राहुल गांधी ने इन देशभक्त परिवारों का दुख-दर्द साझा किया और सहानुभूति के साथ उनकी व्यथा सुनी

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राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस भावनात्मक अनुभव को साझा करते हुए लिखा:

“आज पुंछ में पाकिस्तान की गोलाबारी में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मिला। टूटे मकान, बिखरा सामान, नम आंखें और हर कोने में अपनों को खोने की दर्द भरी दास्तान – ये देशभक्त परिवार हर बार जंग का सबसे बड़ा बोझ साहस और गरिमा के साथ उठाते हैं। उनके हौसले को सलाम है। पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा हूं। उनकी मांगें और मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर ज़रूर उठाऊंगा।”

हेलिकॉप्टर से पुंछ पहुंचे राहुल गांधी

राहुल गांधी शनिवार सुबह करीब 9 बजे जम्मू पहुंचे, जहां से उन्होंने हेलिकॉप्टर के माध्यम से सीधे पुंछ के लिए उड़ान भरी। उनके साथ कांग्रेस के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष रमण भल्ला और युवा नेता नीरज कुंदन भी थे। पुंछ में राहुल गांधी करीब तीन घंटे तक रुके।

इस दौरान उन्होंने न केवल शहीद परिवारों से मुलाकात की, बल्कि सीमा क्षेत्र में गोलीबारी से प्रभावित अन्य ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं।

दौरे के पीछे संवेदनशील पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि राहुल गांधी का यह दौरा 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर का दूसरा दौरा है। इससे पहले वे 25 अप्रैल को श्रीनगर आए थे। हालिया पाकिस्तानी गोलाबारी में सबसे अधिक नुकसान पुंछ जिले में हुआ है, जहां अब तक 20 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, और कई मकान व सार्वजनिक ढांचे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

पार्टी के वरिष्ठ नेता भी रहे मौजूद

राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी व्यापक तैयारियाँ की थीं। कांग्रेस के जम्मू-कश्मीर प्रभारी डा. सैयद नसीर अहमद और प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद करा पहले से ही पुंछ में मौजूद थे। उन्होंने दौरे से पहले पार्टी नेताओं के साथ एक समीक्षा बैठक भी की।

इस बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थायी बंकरों के निर्माण, बंकरों की मरम्मत, तथा गोलाबारी पीड़ितों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग पर गंभीर चर्चा हुई। राहुल गांधी को इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष द्वारा पूर्ण स्थिति की जानकारी दी गई।

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राहुल गांधी की स्पष्ट प्रतिबद्धता

अपने पूरे दौरे के दौरान राहुल गांधी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि सीमा पर रहने वाले नागरिकों के कष्ट और बलिदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों की मांगों को संसद और राष्ट्रीय मंच पर उठाने का आश्वासन दिया।

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