राजस्थान में किसानों को अब चोरी हो जाने पर नए ट्रांसफार्मर के लिए नहीं करना पड़ेगा इंतजार, सरकार ने किया नियमों में परिवर्तन

झुंझुनू, 14 जुलाई: राजस्थान में किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। किसानों को को अब ट्रांसफार्मर के चोरी हो जाने पर एफआईआर दर्ज होने का इंतजार नहीं करना होगा। राज्य सरकार के दखल के बाद विद्युत वितरण निगमों ने इस सम्बन्ध में आदेश जारी कर दिए हैं।

किसानों को अब ट्रांसफॉर्मर चोरी हो जाने पर नया ट्रांसफॉर्मर लेने के लिए एफआईआर दर्ज होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खासकर किसानों को इसका बड़ा लाभ होगा और एफआईआर दर्ज होने की प्रतीक्षा किए बिना वे तुरन्त नया ट्रांसफॉर्मर हासिल कर पाएंगे। राजस्थान के ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर की पहल पर विद्युत वितरण निगमों ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

गौरतलब है कि ट्रांसफॉर्मर चोरी होने के बाद एफआईआर दर्ज होने की प्रक्रिया में लम्बा समय लग जाता था। नए ट्रांसफॉर्मर के लिए किसान भटकते रहते थे और सिंचाई के अभाव में कई बार उनकी फसलें सूख जाया करती थीं। इस वजह से उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता था।

नए ट्रांसफार्मर के लिए यह होगी प्रक्रिया

ऊर्जा राज्य मंत्री ने बताया कि डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफॉर्मर चोरी होने पर सहायक अभियंता के द्वारा संबन्धित पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र भेजा जाएगा और इसकी प्राप्ति लेना सुनिश्चित किया जाएगा। इसी दिन एफआईआर के लिए की गई कार्यवाही की सूचना सहायक अभियंता द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) को ई-मेल के माध्यम से भेजी जाएगी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के स्तर पर संबन्धित पुलिस थाना प्रभारी के साथ समन्वय कर एफआईआर दर्ज कराना सुनिश्चित किया जाएगा।

इस दौरान प्राथमिकी दर्ज होने का इंतजार किए बिना सहायक अभियंता द्वारा कार्यालय के बफर स्टॉक से ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध करवाया जाएगा तथा एफआईआर से संबन्धित पत्र एवं प्राप्ति के साथ नया ट्रांसफॉर्मर आवंटित करने की सूचना अधीक्षण अभियंता कार्यालय को भिजवाई जाएगी। अधीक्षण अभियंता कार्यालय द्वारा प्राथमिकी दर्ज होने का इंतजार किए बिना डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफॉर्मर आवंटित किया जाएगा। साथ ही, 15 दिन के अंदर एफआईआर दर्ज कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।

ऊर्जा राज्य मंत्री ने बताया कि सहायक अभियंता संबन्धित पुलिस थाने से एफआईआर नंबर प्राप्त करने के लिए समन्वय करेंगे। यदि 15 दिन के अंदर एफआईआर नंबर प्राप्त नहीं होता है तो सहायक अभियंता ऐसे केसेज की लिस्ट तैयार कर अधीक्षण अभियंता को भेजेगा जिसके बाद अधीक्षण अभियंता जिला पुलिस अधीक्षक के साथ इन केसेज के संबंध में चर्चा करेंगे। ऊर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि बीते दिनों जिलों के दौरों में किसानों ने अपनी इस समस्या से उन्हें अवगत कराया था। राज्य सरकार के इस निर्णय से कृषि उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।

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