ब्रिटेन यात्रा पर विदेश मंत्री एस जयशंकर, चैथम हाउस कार्यक्रम के दौरान हुआ विरोध प्रदर्शन

ब्रिटेन: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर अपनी छह दिवसीय ब्रिटेन और आयरलैंड यात्रा पर हैं। इस यात्रा के दौरान वे ब्रिटेन और आयरलैंड के शीर्ष नेताओं, व्यापार प्रतिनिधियों और भारतीय प्रवासियों से मुलाकात कर भारत-ब्रिटेन रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा कर रहे हैं। बुधवार को जयशंकर ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की, जहां दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और कूटनीतिक संबंधों को लेकर विस्तार से बातचीत हुई।

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लंदन में थिंक टैंक चैथम हाउस में दिया भाषण

गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लंदन स्थित प्रतिष्ठित थिंक टैंक चैथम हाउस में ‘भारत का उदय और विश्व में भूमिका’ विषय पर संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने भारत की वैश्विक भूमिका, विकास नीति और कूटनीतिक दृष्टिकोण पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि भारत न केवल आर्थिक और रणनीतिक रूप से उभर रही शक्ति है, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

विदेश मंत्री पर हमले की कोशिश, खालिस्तान समर्थकों का विरोध प्रदर्शन

जयशंकर के चैथम हाउस पहुंचने से पहले वहां कुछ खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारी मौजूद थे, जो भारत विरोधी नारे लगा रहे थे। जब जयशंकर अपने कार्यक्रम के बाद बाहर निकले, तब एक व्यक्ति ने उनकी कार के सामने आकर तिरंगे झंडे का अपमान करने की कोशिश की। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, व्यक्ति ने तिरंगे को फाड़ने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और कार से दूर हटा दिया।

इस घटना के दौरान खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों ने हाथों में खालिस्तानी झंडे लिए नारेबाजी जारी रखी। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के कारण किसी भी अप्रिय घटना को टाल दिया गया।

पीओके खाली होते ही कश्मीर मुद्दा होगा हल: जयशंकर

चैथम हाउस में दिए गए अपने संबोधन के दौरान विदेश मंत्री से कश्मीर मुद्दे पर भी सवाल पूछा गया। इस पर जयशंकर ने स्पष्ट रूप से कहा कि “पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को खाली कराए बिना कश्मीर मुद्दा पूरी तरह हल नहीं हो सकता।”

उन्होंने कहा, “हमने कश्मीर के अधिकांश मुद्दों को हल करने में अच्छा कार्य किया है। अनुच्छेद 370 को हटाना पहला कदम था, जिसके बाद विकास, आर्थिक गतिविधियों और सामाजिक न्याय की बहाली पर ध्यान दिया गया। हाल ही में हुए चुनावों में भारी मतदान यह दर्शाता है कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जनता की भागीदारी बढ़ी है। अब जो हिस्सा बचा है, वह पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला क्षेत्र है। जब वह भारत के पास लौटेगा, तो कश्मीर विवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।”

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भारत-ब्रिटेन रणनीतिक साझेदारी पर फोकस

विदेश मंत्री की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है। इस साझेदारी में व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, रक्षा सहयोग और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

ब्रिटेन की यात्रा के बाद जयशंकर 6-7 मार्च को आयरलैंड की यात्रा पर जाएंगे। वहां वे आयरलैंड के विदेश मंत्री साइमन हैरिस से मुलाकात करेंगे और भारतीय प्रवासियों के साथ भी संवाद करेंगे। इस यात्रा से भारत और आयरलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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