बाढ़ से निपटने के लिए कलक्टर चिन्मयी गोपाल ने अधिकारियों को दिए निर्देश: तैयारी में कोई कमी न हो

झुंझुनूं: कलक्टर चिन्मयी गोपाल ने शुक्रवार को बाढ़ आपदा प्रबंधन बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बाढ़ और अतिवृष्टि से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की स्थिति का सामना करने के लिए सभी विभागों के बीच तालमेल होना चाहिए।

बैठक के मुख्य बिंदु:

पूर्व तैयारी: जिला कलेक्टर ने मानसून पूर्व सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए मिट्टी के कट्टों, पानी निकालने वाली मोटरों और सभी आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा।

जलभराव वाले क्षेत्रों की सुरक्षा: उपखंड अधिकारियों और अधिशासी अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों का चिन्हित करने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम करने के निर्देश दिए गए। जलभराव वाले स्थानों की फेंसिंग करवाने और चेतावनी बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए।

नालियों की सफाई: जिला कलेक्टर ने सभी नगरपालिकाओं के अधिकारियों को मानसून पूर्व नालियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मिट्टी के कट्टों का भंडारण: पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को जिला स्तर पर 5000 और हर ब्लॉक स्तर पर 2000 मिट्टी के कट्टों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

गड्ढों की मरम्मत: मानसून से पूर्व जलभराव वाली सड़कों पर संकेतक लगाने और गड्ढों को भरने के निर्देश दिए गए।

अस्थायी आश्रय: उपखंड स्तरीय अधिकारियों को आपदा के समय प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए भवनों और स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए ताकि अस्थायी शिविर बनाए जा सकें।

गोताखोरों की सूची: जिले में गोताखोरों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनसे संपर्क किया जा सके।

विद्युत सुरक्षा: बिजली विभाग के अधिकारियों को ट्रांसफार्मरों के चारों तरफ फेंसिंग करने और करंट के हादसों की रोकथाम के लिए उचित इंतज़ाम करने के निर्देश दिए गए।

पशु रोगों का प्रबंधन: पशुपालन विभाग के अधिकारियों को मानसून के समय पशुओं के रोगों से संबंधित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मौसमी बीमारियों की रोकथाम: चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था करने और मानसून के समय मच्छरों की रोकथाम के लिए फॉगिंग करवाने के निर्देश दिए गए।

नियंत्रण कक्ष: बाढ़ और आपदा की सूचना के लिए जिला स्तर और सभी ब्लॉक स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष बनाने के निर्देश दिए गए ताकि आपदा की तत्काल सूचना मिल सके और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।

बैठक में उपस्थित अधिकारी:

अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामरतन सौंकरीया
जिला परिषद सीईओ अंबालाल मीणा
जिले के समस्त उपखंड अधिकारी
अधिशासी अधिकारी
पंचायती राज के अधिकारी

यह बैठक बाढ़ और अतिवृष्टि से निपटने के लिए जिला प्रशासन की तैयारी को दर्शाती है। उम्मीद है कि इन उपायों से किसी भी आपदा का प्रभाव कम करने में मदद मिलेगी।

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