बस्तर संभाग में मुठभेड़ में मारे गए 31 माओवादियों में से 28 की पहचान, कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपये का था इनाम

बसतर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में स्थित नेशनल पार्क क्षेत्र में पुलिस और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में 31 माओवादी मारे गए। इस मुठभेड़ में मारे गए 31 माओवादियों में से 28 की शिनाख्त हो गई है और इन माओवादियों पर कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपये का ईनाम था। पुलिस ने इस खुलासे के साथ-साथ मुठभेड़ में बरामद हथियारों की भी जानकारी दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में एक DVCM (डिवीजनल कमेटी सदस्य), 9 ACM (एरिया कमेटी सदस्य), 7 PPCM (पार्टी कमेटी सदस्य), और 11 पार्टी सदस्य शामिल हैं। मुठभेड़ के दौरान बरामद हथियारों में विभिन्न प्रकार के राइफल्स, AK-47, INSAS राइफल्स और 303 रायफल्स शामिल हैं। इन हथियारों का खुलासा इस बात का प्रतीक है कि माओवादी संगठन के द्वारा पुलिस बलों पर कई बार हमले किए गए थे और इनमें से कई हथियार पूर्व में लूटी गई घटनाओं से संबंधित हैं।

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प्रमुख माओवादी नेता हुंगा कर्मा का मारा जाना

इस मुठभेड़ में एक और महत्वपूर्ण माओवादी नेता, हुंगा कर्मा उर्फ सोनकू की भी मौत हुई है। हुंगा कर्मा, जो वर्ष 1996 से माओवादी संगठन में सक्रिय था, को जिले में कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है। इसके खिलाफ बीजापुर जिले के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट, अपहरण, कैम्प अटैक और पुलिस पार्टी पर हमला जैसे कई मामले दर्ज हैं।

हुंगा कर्मा का नाम विशेष रूप से वर्ष 2006 में मुरकीनार कैम्प पर हमले, 2007 में रानीबोदली कैम्प पर हमले, 2013 में नुकनपाल हमले और 2025 में अम्बेली IED ब्लास्ट में शामिल होने के कारण भी लिया जाता है।

माओवादियों के खिलाफ लंबित वारंट

मारे गए अन्य माओवादियों के खिलाफ भी विभिन्न थानों में अपराध पंजीबद्ध हैं। इन आरोपियों में प्रमुख रूप से सुभाष ओयाम (एसीएम), शशीकला कुड़ियम (पार्टी सदस्य), सुखमती ओयाम (पीपीसीएम), रघु पूनेम (पीपीसीएम), और सन्नू उईका (एसीएम) शामिल हैं। इन पर कई गंभीर आरोप हैं और इनके खिलाफ लंबित वारंट भी हैं।

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मुठभेड़ में बरामद हथियार

पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से कई खतरनाक हथियार बरामद किए हैं, जिनमें एके-47, 5.56mm INSAS राइफल, 303 रायफल और अन्य प्रकार के हथियार शामिल हैं। इन हथियारों की पहचान की गई है और यह साबित करता है कि माओवादियों ने कई मुठभेड़ों में इन हथियारों का उपयोग किया था। विशेष रूप से, AK-47 और INSAS राइफल्स माओवादियों द्वारा लूटे गए थे और इनका इस्तेमाल पुलिस पार्टी पर हमले में किया गया था।

बस्तर रेंज में मुठभेड़ का इतिहास

पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, श्री सुन्दरराज पी. ने बताया कि वर्ष 2025 में बस्तर रेंज में पुलिस और माओवादियों के बीच कुल 286 हथियार बरामद हुए हैं, जिनमें LMG राइफल, AK-47, 7.62mm SLR, INSAS राइफल और 303 रायफल्स शामिल हैं। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि माओवादी संगठन को अब भी सक्रिय रूप से समर्थन प्राप्त है, लेकिन पुलिस द्वारा उनकी गतिविधियों को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।

पुलिस ने माओवादियों के शवों को सुपुर्द किया

पुलिस अधीक्षक बीजापुर, डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए 31 माओवादियों में से 11 महिला और 17 पुरुष माओवादियों की पहचान पूरी हो चुकी है। मारे गए 28 माओवादियों के शवों को विधिवत उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।

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