प्रयागराज: वक्फ से जुड़े दावों पर मुख्यमंत्री योगी का सख्त बयान, ‘कुंभ की भूमि किसी के कब्जे में नहीं जाएगी’

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को संगमनगरी प्रयागराज में आयोजित आजतक के धर्म संसद के मंच से महाकुंभ की तैयारियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कुंभ मेला की व्यवस्थाओं से लेकर वक्फ की जमीन पर मेले के आयोजन के दावों तक, हर सवाल पर बेबाकी से राय व्यक्त की।

महाकुंभ की तैयारी: एक ऐतिहासिक आयोजन

सीएम योगी ने कहा, “प्रयागराज का महाकुंभ दुनियाभर से आस्थावान लोगों को आकर्षित करता है, और यह आयोजन भारतीय संस्कृति और विरासत का प्रतीक है। इस आयोजन को न केवल भारत, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु देखने आते हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महाकुंभ का आयोजन हमेशा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा रहा है, और यह बिना किसी सरकारी सहायता या निमंत्रण के होता आया है।

वक्फ की जमीन और भूमाफियाओं का मुद्दा

सीएम योगी ने वक्फ बोर्ड और भूमाफियाओं के आरोपों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “अगर कोई यह कहता है कि कुंभ की भूमि वक्फ की जमीन है, तो मैं सवाल करना चाहता हूं कि क्या यह वही वक्फ बोर्ड है जो भूमि माफियाओं का प्रतिनिधित्व करता है?” उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार की दुष्प्रवृत्तियों को नियंत्रित किया जाएगा, और इसके खिलाफ सरकार द्वारा कड़े कदम उठाए जाएंगे।

सीएम योगी ने कहा, “हमने एक महत्वपूर्ण संशोधन किया है कि यदि वक्फ ने किसी जमीन पर कब्जा किया है या दावा किया है, तो 1363 फसली के रिकॉर्ड की पूरी जांच की जाएगी। जहां भी वक्फ शब्द आता है, वहां पहले उस जमीन के मालिक का नाम देखा जाएगा और फिर उसे वापस दिलाने का काम किया जाएगा।”

सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर कब्जा नहीं करने देंगे

सीएम योगी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार की जमीन, हिंदू आस्था से जुड़े पवित्र स्थल, और सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर भूमाफिया का कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। “यह कुंभ की भूमि है, और आने वाले साधु-संतों को कुंभ के आयोजन के लिए यही भूमि हमेशा उपलब्ध रहेगी। हम किसी भी भूमाफिया को इस भूमि पर कब्जा करने नहीं देंगे।”

महाकुंभ: एक अस्थायी शहर और 40 करोड़ श्रद्धालु

सीएम योगी ने महाकुंभ को दुनिया का सबसे बड़ा अस्थायी शहर बताया, जो हर बार लाखों श्रद्धालुओं से सजा होता है। उन्होंने अनुमान जताया कि इस बार लगभग 40 करोड़ लोग महाकुंभ में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, “यह अवसर भारत को एकता का संदेश देने का है। यह एकजुटता का प्रतीक बनेगा, जहां जाति और धर्म से ऊपर उठकर लोग संगम में एक साथ डुबकी लगाएंगे। यह एक श्रेष्ठ भारत की ओर कदम बढ़ाएगा।”

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