नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर सात सदस्यीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। यह प्रतिनिधिमंडल हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के पश्चात 33 देशों का दौरा कर लौटा है। इस दौरान प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री को अपनी विदेश यात्राओं, अंतरराष्ट्रीय बैठकों और पाकिस्तान को आतंकवाद के मसले पर घेरने के प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल की सराहना की और इसे भारत की “सर्वदलीय एकता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में मजबूत कदम” बताया।

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प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन थे शामिल?

इस उच्चस्तरीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद, पूर्व सांसद और वरिष्ठ राजनयिक शामिल थे। सात प्रमुख सांसदों ने डेलिगेशन का नेतृत्व किया, जिनमें शामिल हैं:

  • शशि थरूर (कांग्रेस)
  • रविशंकर प्रसाद (भाजपा)
  • संजय कुमार झा (जदयू)
  • बैजयंत जय पांडा (भाजपा)
  • कनिमोझी करुणानिधि (डीएमके)
  • सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी)
  • श्रीकांत शिंदे (शिंदे शिवसेना)

सभी नेताओं ने एकजुट होकर वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीति की आलोचना की और भारत के रुख को मजबूती से रखा।

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की निर्णायक जवाबी कार्रवाई

यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब देश में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गूंज संसद से लेकर सड़कों तक है। गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए नृशंस आतंकी हमले में 26 निर्दोष भारतीय नागरिकों की जान गई थी।

इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक और सर्जिकल हमले किए। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकियों को ढेर कर दिया गया था।

33 देशों में भारत का पक्ष, पाकिस्तान की किरकिरी

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत सरकार ने विपक्ष और सत्ता पक्ष के संयुक्त प्रयास से एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया, जिसका उद्देश्य था –

  • भारत की आतंकवाद-विरोधी नीति को स्पष्ट करना
  • पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर आतंक का स्रोत बताना
  • भारत की जवाबी कार्रवाई को सही और न्यायोचित ठहराना

इस प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, G20 सदस्य राष्ट्रों, ASEAN देशों समेत कुल 33 देशों में जाकर बैठकें कीं। इन बैठकों में विदेश मंत्रियों, सांसदों, थिंक टैंक प्रमुखों, मीडिया प्रतिनिधियों और डायस्पोरा समूहों से संवाद किया गया।

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विपक्ष की मांग: संसद में विशेष सत्र बुलाया जाए

अब जबकि संसद का मानसून सत्र आने वाला है, कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल मांग कर रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर पर संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए। उनका कहना है कि यह केवल सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक, राजनीतिक और वैश्विक रणनीति की भी जीत है जिसे सदन में चर्चा हेतु प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिनिधिमंडल की सराहना करते हुए कहा:

“भारत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। यह सर्वदलीय प्रयास हमारी लोकतांत्रिक शक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रमाण है। आतंकवाद के विरुद्ध हमारी नीति स्पष्ट, निर्णायक और अपरिवर्तनीय है।”

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