प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ्रांस दौरा: मार्सिले में भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन

फ्रांस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 फरवरी 2025 को फ्रांस के पेरिस पहुंचे और इसके बाद बुधवार को फ्रांस के मार्सिले में भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया। यह उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त रूप से किया। मार्सिले में भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर दोनों देशों के रणनीतिक और व्यापारिक संबंधों के दृष्टिकोण से।

मार्सिले का महत्व

मार्सिले का स्थान भारत-फ्रांस संबंधों में अहम भूमिका निभाता है। भूमध्यसागरीय तट पर स्थित यह शहर भारत और फ्रांस के बीच व्यापार का प्रमुख केंद्र बन चुका है। मार्सिले भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEEC) के प्रवेश बिंदुओं में से एक है, जिससे यह भारत की भविष्य की परियोजनाओं के लिए एक रणनीतिक स्थान बन गया है। इस आर्थिक गलियारे के तहत भारत को यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका से व्यापारिक संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने का अवसर मिलेगा।

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भारत-फ्रांस संबंधों की नई दिशा

पीएम मोदी के फ्रांस दौरे के अंतिम दिन, भारत और फ्रांस ने एक संयुक्त बयान जारी किया जिसमें दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही, उन्होंने विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों जैसे रक्षा, असैन्य परमाणु ऊर्जा, और अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।

दोनों नेताओं ने प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती देने के उपायों पर भी चर्चा की। व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने की दिशा में कदम उठाने का आह्वान करते हुए, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जाहिर की गई।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर विशेष ध्यान

भारत और फ्रांस ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) क्षेत्र में भी ठोस कदम उठाने की बात की। दोनों देशों ने इस क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक परिणामों को जनहित में सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई। यह घोषणा इस बात का संकेत है कि दोनों देश एआई के क्षेत्र में सहयोग कर सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगे।

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बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की आवश्यकता

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने न्यायसंगत और शांतिपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बहुपक्षवाद में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सुधार की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित किया। फ्रांस ने भारत की स्थायी सदस्यता की वकालत करते हुए UNSC में भारत के लिए समर्थन जाहिर किया है।

आगे की राह: ‘India-France Year of Innovation’

भारत और फ्रांस के नेताओं ने 2026 में नई दिल्ली में ‘India-France Year of Innovation’ के उद्घाटन की घोषणा की। इस पहल के तहत, दोनों देशों के बीच नवाचार और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा, जिससे व्यापार और आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी।

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