पिलानी में यमुना जल समझौता लागू कराने की मांग तेज—विधायक पितराम सिंह काला बोले, “शेखावाटी को बचाने बड़ा जन आंदोलन जरूरी”

पिलानी: विधानसभा क्षेत्र में जलसंकट को लेकर किसान संगठनों की आवाज एक बार फिर बुलंद हुई, जब अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी पिलानी के सदस्य 1994 के यमुना जल समझौते को लागू करवाने की मांग के साथ विधायक पितराम सिंह काला के आवास पहुंचे। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन विधायक प्रतिनिधि अनिल जांगिड़ को सौंपते हुए शेखावाटी के तेजी से गिरते जलस्तर और बढ़ते पलायन पर चिंता जताई।

अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी के सदस्यों ने विधायक निवास पर पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम अपना ज्ञापन अनिल जांगिड़ को सौंपा। किसानों ने बताया कि 1994 में हुआ यमुना जल समझौता आज तक लागू नहीं किया गया, जबकि शेखावाटी के क्षेत्रों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। उन्होंने कहा कि झुंझुनू जिले के गांवों में पानी के अभाव के कारण कृषि, पशुधन, शिक्षा और स्वास्थ्य सभी प्रभावित हो रहे हैं।

विधायक पितराम सिंह काला ने किसानों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि शेखावाटी खासकर झुंझुनू जिले में पानी की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। उन्होंने बताया कि भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे पशुधन, सिंचाई और रोजगार पर गहरा असर पड़ रहा है, और लोग पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।

काला ने कहा कि पीने के पानी के लिए कुंभाराम लिफ्ट कैनाल का पानी मंजूर हो चुका है, लेकिन सिंचाई और पशुधन के लिए यमुना का पानी आवश्यक है, जिसके लिए हथिनी कुंड बैराज से जल की आपूर्ति ही एकमात्र समाधान है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे विधानसभा में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे।

इस मौके पर मुख्तियार सिंह, महेश पूनिया बजावा, मदन सिंह यादव, सुरेंद्र सिंह, प्रताप सिंह भास्कर, ताराचंद, बजरंग लाल बराला, महेंद्र गोदारा, करण सिंह गोदारा, दुलीचंद नरहड़, ओमप्रकाश ओला, प्रभु राम नारनोलिया, रणधीर ओला, गोकुलचंद, ताराचंद तानाण, प्रभु राम सोनी, जय सिंह, राजेंद्र गोदारा, रतन जोगी मदन सिंह और दरिया सिंह धायल नरहड़ समेत कई किसान नेता उपस्थित रहे। सभी ने यमुना जल को शेखावाटी तक पहुंचाने की मांग का जोरदार समर्थन किया।

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