नासा के पास बचा है सिर्फ 14 दिन! क्या बचा पाएगी नासा भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को?

अमेरिका: भारतीय मूल की प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर पिछले दो महीनों से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर फंसे हुए हैं। बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में आई तकनीकी खराबी के कारण दोनों पृथ्वी पर वापस नहीं आ पा रहे हैं। नासा के वैज्ञानिक दिन-रात इस समस्या के समाधान में जुटे हुए हैं, लेकिन समय तेजी से बीत रहा है और अब उनके पास सुनीता और बुच को सुरक्षित वापस लाने के लिए सिर्फ कुछ ही दिन बचे हैं।

क्या है पूरा मामला?

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 5 जून, 2024 को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में आईएसएस के लिए रवाना हुए थे। 13 जून को आईएसएस पर पहुंचने के बाद यान के थ्रस्टर्स और हीलियम सिस्टम में गंभीर खराबी आ गई। जिसके कारण यान सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस नहीं लौट पा रहा है। शुरू में माना जा रहा था कि यह समस्या कुछ दिनों में ठीक हो जाएगी, लेकिन अब यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।

नासा के सामने बड़ी चुनौती

नासा के वैज्ञानिकों के पास सुनीता और बुच को वापस लाने के लिए सिर्फ 14 दिन का समय बचा है। क्योंकि इसके बाद नासा का क्रू-9 मिशन लॉन्च होने वाला है। क्रू-9 मिशन के लॉन्च होने से पहले स्टारलाइनर को आईएसएस से हटाना होगा, जिससे नासा का काम और मुश्किल हो जाएगा।

क्यों आई इतनी बड़ी मुश्किल?

बोइंग स्टारलाइनर की यह पहली मानवयुक्त उड़ान थी। इस मिशन के दौरान इंजीनियरों ने अंतरिक्ष यान के सर्विस मॉड्यूल में पांच छोटे हीलियम लीक खोजे। इन लीक के कारण यान सुरक्षित रूप से अनडॉक होकर पृथ्वी पर वापस नहीं आ पा रहा है।

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर का क्या होगा?

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर आईएसएस पर सीमित संसाधनों के साथ जीने को मजबूर हैं। अंतरिक्ष में रहने के कारण उनके शरीर पर कई तरह के प्रभाव पड़ रहे हैं। जैसे कि मांसपेशियों का कमजोर होना, हड्डियों का घनत्व कम होना और रेडिएशन का खतरा। नासा के वैज्ञानिक लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए हैं।

सारांश

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की यह घटना अंतरिक्ष यात्रा के जोखिमों को एक बार फिर उजागर करती है। अंतरिक्ष यात्रा एक बहुत ही जटिल और खतरनाक प्रक्रिया है। इसमें कई तरह की तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं। नासा के वैज्ञानिक इस समय एक कठिन परिस्थिति से निपट रहे हैं। उम्मीद है कि वे जल्द से जल्द सुनीता और बुच को सुरक्षित वापस पृथ्वी पर लाने में कामयाब होंगे।

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