धौलपुर: प्री डीएलएड परीक्षा के दौरान जिले में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को चुनौती देने वाला मामला सामने आया है। रविवार को आयोजित हुई परीक्षा के दौरान तीन परीक्षा केंद्रों से पांच डमी परीक्षार्थी पकड़े गए, जो वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। इनकी पहचान तब उजागर हुई जब केंद्र पर लगाए गए बायोमेट्रिक सिस्टम ने फिंगरप्रिंट मिलान में गड़बड़ी पकड़ ली।

जानकारी के अनुसार, चार डमी परीक्षार्थी पहली पारी में पकड़े गए जबकि एक को दूसरी पारी में पकड़ा गया। जैसे ही फिंगरप्रिंट मैच नहीं हुए, केंद्राधीक्षकों ने कोटा स्थित मॉनिटरिंग सेंटर को सूचना दी। वहां से पुष्टि होने पर यह स्पष्ट हुआ कि ये डमी अभ्यर्थी हैं। इसके बाद इन सभी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

कोतवाली थाना क्षेत्र के पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर विवेक नामक युवक को गिरफ्तार किया गया, जो लकी अंधाना की जगह परीक्षा देने आया था। उसे परीक्षा की दूसरी पारी में पकड़ा गया। वहीं, लॉ कॉलेज केंद्र पर आकाश तिवारी को सचिन की जगह और राहुल को विवेक सिंह की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया। निहालगंज थाना क्षेत्र के विवेकानंद परीक्षा केंद्र से भी दो डमी परीक्षार्थी पकड़े गए। इनमें मोनू को मोनू कुमार की जगह और मोहित शर्मा को दिनेश कुमार की जगह परीक्षा देते समय पकड़ा गया।

कोतवाली थाने के सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि सभी डमी परीक्षार्थियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन अभ्यर्थियों को इस फर्जीवाड़े में मदद किसने की और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।

परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य भर में बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई थी, जिसके चलते यह फर्जीवाड़ा सामने आ सका। इस घटना से शिक्षा विभाग की साख पर भी सवाल खड़े हुए हैं, वहीं प्रशासन अब परीक्षा प्रणाली को और सख्त करने की दिशा में विचार कर रहा है।

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