नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में आज एक विवाद उस समय गहराया जब विपक्ष की नेता और आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक आतिशी की पुलिसकर्मियों से तीखी बहस हो गई। यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब आतिशी को विधानसभा परिसर में प्रवेश से रोक दिया गया।

Advertisement's
Advertisement’s

आतिशी ने पुलिसकर्मियों से पूछा कि उन्हें विधानसभा में प्रवेश क्यों नहीं करने दिया जा रहा है, जिस पर पुलिस की ओर से जवाब आया कि स्पीकर ने आदेश दिया है कि आम आदमी पार्टी के विधायकों को विधानसभा में प्रवेश नहीं दिया जाए। पुलिसकर्मियों का यह जवाब सुनकर आतिशी ने उस आदेश की कॉपी की मांग की, जिसमें यह निर्देश था कि AAP विधायकों को प्रवेश न दिया जाए। उन्होंने कहा, “आप मुझे कागज दिखाइए। आप बोल रहे हैं, लेकिन आदेश कहां है? दिल्ली विधानसभा में कैसे नहीं घुसने देंगे?”

आतिशी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर ट्विटर पर भी विरोध जताया। उन्होंने कहा, “BJP वालों ने सरकार में आते ही तानाशाही की हदें पार कर दी हैं। ‘जय भीम’ के नारे लगाने के लिए तीन दिन के लिए आम आदमी पार्टी के विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया। आज ‘AAP’ विधायकों को विधानसभा परिसर में घुसने भी नहीं दिया जा रहा है। ऐसा दिल्ली विधानसभा के इतिहास में कभी नहीं हुआ कि चुने हुए विधायकों को विधानसभा परिसर के अंदर नहीं घुसने दिया जा रहा है।”

https://twitter.com/AamAadmiParty/status/1894986828895395901

विधायकों का निलंबन और प्रवेश पर प्रतिबंध

यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब यह सामने आया कि दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही में आम आदमी पार्टी के 21 विधायक हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। AAP के 22 में से 21 विधायकों को उपराज्यपाल (LG) के भाषण के दौरान नारेबाजी करने के कारण निलंबित कर दिया गया था। इस कार्यवाही से केवल एक विधायक, अमानतुल्लाह खान बच पाए थे, क्योंकि उस वक्त वह सदन में मौजूद नहीं थे।

Advertisement's

AAP विधायक संजीव झा का बयान

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए AAP के 4 बार के विधायक संजीव झा ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “AAP विधायकों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली विधानसभा परिसर में प्रवेश से मना कर दिया है। मुझे विधानसभा परिसर तो दूर, पार्किंग में भी जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि स्पीकर के कार्यालय से निर्देश मिले हैं। हमारे पास 10 साल से स्पीकर का पद है, लेकिन हमने कभी भी इस तरह के प्रतिबंध नहीं लगाए।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!