दिल्ली का नया मुख्यमंत्री कौन? कल होगा फैसला, 18 फरवरी को रामलीला मैदान में शपथ संभव!

नई दिल्ली: दिल्ली में नई सरकार के गठन को लेकर 18 फरवरी को एक बड़ी खबर सामने आई है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आगामी 18 फरवरी को दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हो सकता है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि यह शपथ ग्रहण समारोह दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई प्रमुख नेता भी शामिल होंगे।

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बीजेपी विधायक दल की बैठक 17 फरवरी को

इससे पहले, 17 फरवरी को भाजपा विधायक दल की बैठक होने जा रही है, जिसमें दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा। यह बैठक दिल्ली की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, क्योंकि दिल्ली विधानसभा में बीजेपी की स्थिति मजबूत हुई है।

रामलीला मैदान का महत्व

रामलीला मैदान दिल्ली का एक ऐतिहासिक और विशाल स्थल है, जो परंपरागत रूप से रामलीला के आयोजन के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थल धार्मिक कार्यक्रमों, प्रमुख राजनीतिक रैलियों और मनोरंजन कार्यक्रमों के लिए भी जाना जाता है। इसकी क्षमता लगभग 1 लाख दर्शकों तक है। रामलीला मैदान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और दिल्ली गेट के पास स्थित है, जिससे यहां पर भारी संख्या में लोग जुटते हैं। इस स्थल का चयन दिल्ली में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के लिए राजनीतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

48 विधायकों में से होगा नए सीएम का चुनाव

बीजेपी के वरिष्ठ विधायक और छठी बार विधायक बने मोहन सिंह बिष्ट ने स्पष्ट किया कि दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का चुनाव 48 भाजपा विधायकों में से किया जाएगा। बिष्ट ने मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र के नाम बदलने की भी बात की है, जिसमें प्रस्ताव है कि इसे ‘शिव विहार’ या ‘शिव पुरी’ के नाम से जाना जाए। उनका कहना था कि इस क्षेत्र में 42 प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हैं, जबकि 58 प्रतिशत हिंदू समुदाय के लोग रहते हैं, इसलिये जनता की भावना का सम्मान किया जाना चाहिए।

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27 साल बाद बीजेपी की सत्ता में वापसी

दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। लगभग 27 सालों बाद दिल्ली में भाजपा को सत्ता मिली है। दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से बीजेपी ने 48 सीटों पर विजय प्राप्त की है, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) को केवल 22 सीटें ही मिल पाई हैं। वहीं, कांग्रेस का लगातार तीसरी बार खाता नहीं खुल सका।

बीजेपी के लिए यह जीत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दिल्ली में वापसी का प्रतीक बनकर उभरी है। हालांकि, सरकार गठन के साथ ही भाजपा के सामने कई चुनौतियां भी हैं। आम आदमी पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि वह यह सुनिश्चित करेगी कि बीजेपी अपने सभी वादों को पूरा करे।

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