टीकाराम जूली: गहलोत के विपक्ष के नेता बनने से सचिन पायलट खेमे को झटका, इनसाइड स्टोरी
टीकाराम जूली: राजस्थान में काफी ऊहापोह के बाद कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष बना दिया है। गहलोत गुट के अलवर ग्रामीण से विधायक टीकाराम जूली को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है। प्रदेश में पूर्वी राजस्थान सत्ता का नया केंद्र बनकर उभरा है। सीएम भजनलाल शर्मा भरतपुर से आते है। जबकि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली अलवर से आते है। अलवर और भरतपुर पूर्वी राजस्थान की राजनीति के पावर सेंटर माने जाते है। पूर्वी राजस्थान कांग्रेस का परंपरागत तौर पर गढ़ माना जाता है। इस बार भी कांग्रेस की अच्छा प्रदर्शन रहा है। सियासी जानकारों का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष को लेकर पार्टी तीन गुटों में बंटी हुई थी। सचिन पायलट ने मुरारी लाल मीणा के नाम की पैरवी की थी। जबकि गहलोत इसके खिलाफ थे। ऐसे में पार्टी आलाकमान ने बीच का रास्ता निकाला है। टीकाराम जूली को पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह का वफादार माना जाता है। सचिन पायलट ने जब 2020 में बगावत की थी तो जितेंद्र सिंह ने खुलकर गहलोत का साथ दिया था।
पायलट कैंप के मुरारी लाल मीणा पिछड़े
उल्लेखनीय है कि एक महीने से कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष को लेकर खींचतान चल रही थी। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नरेंद्र बुढ़ानिया, महेंद्र जीत सिंह मालवीय और सचिन पायलट के नाम चर्चा में थे। सचिन पायलट को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाए जाने के बाद से ही रेस से बाहर हो गए थे। ऐसे में माना जा रहा था कि सचिन पायलट गुट के मुरारी लाल मीणा नेता प्रतिपक्ष बन सकते हैं। लेकिन माना जा रहा है गहलोत गुट ने इसका विरोध कर दिया। टीकाराम जूली गहलोत गुट के माने जाते है। दलित वर्ग से आते है। गहलोत सरकार में श्रममंत्री औऱ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रहे है।
अलवर ग्रामीण से विधायक हैं टीकाराम जूली
टीकाराम जूली का जन्म अलवर के बहरोड़ के पास काठूवास गांव में हुआ था। पहले वह कांग्रेस के अलवर जिला प्रमुख भी रह चुके हैं। टीकाराम जूली श्रम विभाग (स्वतंत्र प्रभार), कारखाना एवं बॉयलर्स निरीक्षण, सहकारिता और इंदिरा गांधी नहर परियोजना राज्यमंत्री भी रहे हैं। कुछ समय पहले जूली विवादों में आ गए थे। उन पर एक आरओ वाटर सप्लाई करने वाली कंपनी के मालिक ने 30 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया था। टीकाराम जूली अलवर जिले की अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा अलवर ग्रामीण से विधायक हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में टीकाराम जूली को 55.56 फीसदी यानी कि 108,584 वोट मिले थे। जबकि दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के जयराम जाटव को 41.58 फीसदी यानी कि 81,251 वोट मिले थे. 2018 के चुनाव में भी टीकाराम जूली अलवर ग्रामीण से विधायक बने थे। जिसके बाद गहलोत सरकार ने उन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और जेल कैबिनेट का मंत्री बनाया था।
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