झुंझुनूं जेल में अब बंदियों को नहीं बेलनी पड़ेगी रोटी, मशीन से बनेंगी 2 हजार रोटियां हर घंटे

झुंझुनूं, राजस्थान: झुंझुनूं जिला जेल में बंदियों को अब रोटी बेलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जेल प्रशासन ने भामाशाह के सहयोग से एक ऑटोमैटिक रोटी मेकिंग मशीन लगाई है जो हर घंटे 2 हजार रोटियां बना सकती है।

झुंझुनूं निवासी जयपुर प्रवासी भामाशाह बजरंगलाल अग्रवाल ने राजधानी क्राफ्ट एंड डॉटर्स के माध्यम से जेल में एक ऑटोमैटिक रोटी मेकिंग मशीन दान की है। यह मशीन हर घंटे 2 हजार रोटियां बना सकती है।

मशीन से राहत:

इस मशीन के लगने से जेल में बंदियों को काफी राहत मिलेगी। खासकर गर्मी के मौसम में, जब रोटी बनाना और भी मुश्किल हो जाता है। जिला जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह शेखावत का कहना है कि “यह मशीन बंदियों के लिए वरदान साबित होगी।”

बंदियों को मिलेगा रोजगार:

जेल अधीक्षक ने यह भी बताया कि जब कोई बंदी जेल से छूटकर बाहर आएगा और रोजगार की तलाश में उनके पास आएगा, तो उसे रोजगार भी दिलाया जाएगा।

भामाशाह का अभिनंदन:

इस अवसर पर भामाशाह बजरंगलाल अग्रवाल, जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह शेखावत और जेलर गंगाराम का लायंस क्लब झुंझुनूं और श्री श्याम आशीर्वाद सेवा संस्था द्वारा अभिनंदन किया गया। साथ ही उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर श्री राम मंदिर अयोध्या का प्रतीक चिह्न भी भेंट किया गया।

कार्यक्रम में मौजूद रहे गणमान्य जन :

इस अवसर पर भामाशाह बजरंगलाल अग्रवाल, जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह शेखावत, जेलर गंगाराम, श्रवण केजड़ीवाल, परमेश्वर हलवाई, सीए पवन केडिया, लायंस क्लब झुंझुनूं के अध्यक्ष अमरनाथ जांगिड़, कोषाध्यक्ष शिवकुमार जांगिड़, सेक्रेटरी नरेंद्र व्यास, उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शेखावत, मुबारिक अली पठान, पूर्व अध्यक्ष किशनलाल जांगिड़ सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

यह पहल निश्चित रूप से झुंझुनूं जेल में बंदियों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेगी।

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