जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रविवार को श्रीनगर में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक का उद्देश्य आगामी चार नवंबर से शुरू हो रहे जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पहले सत्र से पूर्व विधायक दल के नेता का चयन करना है।

बीजेपी की ऐतिहासिक जीत और विधायक दल के नेता का चयन

हाल ही में संपन्न जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 29 सीटों पर जीत हासिल की है, जो अब तक का सर्वोत्तम प्रदर्शन माना जा रहा है। इसके साथ ही, पार्टी के वरिष्ठ नेता रवींद्र रैना की अगुवाई में सभी 28 विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक श्रीनगर में रविवार सुबह आयोजित की जाएगी। बैठक में विपक्ष के नेता के नाम को अंतिम रूप देकर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष के पद की रेस में पांच संभावित नाम

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पाँच नामों पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय बैठक के बाद ही लिया जाएगा। बैठक के बाद विधायक दल का नेता चुने जाने के साथ ही, पार्टी नेता के चयन की प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाएगा।

देवेंद्र सिंह राणा का निधन: नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में थे सबसे आगे

बीजेपी के नगरोटा सीट से जीत दर्ज करने वाले वरिष्ठ विधायक देवेंद्र सिंह राणा का हाल ही में बीमारी के कारण निधन हो गया, जिससे पार्टी के भीतर गहरा शोक है। राणा, जो 30,000 से अधिक मतों के अंतर से विजयी हुए थे, नेता प्रतिपक्ष के पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे। उन्हें “जम्मू की आवाज” के रूप में जाना जाता था और उन्होंने 2021 में नेशनल कॉन्फ्रेंस से अलग होकर बीजेपी का दामन थामा था।

केंद्रीय नेतृत्व का मार्गदर्शन और पर्यवेक्षक नियुक्ति

बीजेपी के संसदीय बोर्ड ने जम्मू-कश्मीर में विधायक दल के नेता का चयन करने के लिए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। ये दोनों वरिष्ठ नेता जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र से पूर्व विधायक दल के नेता का चुनाव सुनिश्चित करेंगे।

विधानसभा सत्र का कार्यक्रम

जम्मू-कश्मीर की नवनिर्वाचित विधानसभा का पहला सत्र चार नवंबर को प्रारंभ होगा, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव संपन्न होगा। उसके बाद उपराज्यपाल का अभिभाषण होगा। प्रोटेम स्पीकर मुबारक गुल के अनुसार, पांच नवंबर को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा, जबकि उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा छह और सात नवंबर को की जाएगी। आठ नवंबर को उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब की प्रक्रिया भी पूरी होगी।

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