जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ उठाए कड़े कदम, लंदन में भारतीय समुदाय का विरोध प्रदर्शन

लंदन, इंग्लैंड: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, वहीं देशभर में पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं। इसी बीच लंदन में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर भारतीय समुदाय के लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

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लंदन में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन

लंदन में भारतीय समुदाय के छात्रों और नागरिकों ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी नाराजगी जताने के लिए पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए 28 लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने की कड़ी निंदा की।

प्रदर्शनकारियों ने भारतीय झंडे, बैनर और तख्तियां उठाए हुए थे और ‘भारत माता की जय’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। उनके हाथों में पोस्टर थे जिन पर ‘मैं हिन्दू हूं’ लिखा था। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को शरण देता है और उनके हमलों में मदद करता है, जिनका उद्देश्य भारत को अस्थिर करना है।

पाकिस्तान के डिफेंस अताशे का अपमानजनक इशारा

प्रदर्शनकारियों के इस विरोध को देखकर पाकिस्तान बौखला गया और पाकिस्तान उच्चायोग के डिफेंस अताशे ने बाहर निकलकर अभिनंदन के साथ चाय पीते हुए तस्वीर को दिखाकर गला काटने का इशारा किया। इस घटिया हरकत को लेकर भारतीय समुदाय ने गहरा विरोध जताया और इसे पाकिस्तान की नफरत फैलाने वाली मानसिकता का प्रतीक बताया।

प्रदर्शनकारियों का बयान: ‘पहलगाम हमला हमास के हमले जैसा’

प्रदर्शन में शामिल एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “पाकिस्तान ने आतंकवाद को बढ़ावा दिया है और इसी कारण पहलगाम में हमारे 26 लोग मारे गए। हम इसका विरोध करने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं।” वहीं, एक और प्रदर्शनकारी ने कहा कि ब्रिटेन में रह रहे भारतीय समुदाय के सभी सदस्य इस हमले से बेहद दुखी हैं और उनका प्रदर्शन दुख और एकता का शांतिपूर्ण तरीका है।

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एक भारतीय-यहूदी प्रदर्शनकारी ने कहा कि यहूदी समुदाय भारत के साथ खड़ा है, क्योंकि भारत और इजरायल दोनों ही कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद से खतरे में हैं। उन्होंने पहलगाम हमले की तुलना इजरायल में हुए हमास के हमले से की।

पहलगाम आतंकी हमला: एक विभत्स नरसंहार

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने एक जघन्य हमले को अंजाम दिया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इस हमले में मरने वालों में 25 हिंदू पुरुष थे। आतंकवादियों ने बैसरन मैदान में पर्यटकों पर गोलियां चला दी थीं, जिससे कई लोग घायल भी हुए। यह हमला भारतीय सुरक्षा बलों के लिए भी एक चुनौती था, क्योंकि आतंकवादियों ने घातक तरीके से हमला किया और निर्दोष नागरिकों की जान ले ली।

इस हमले के बाद भारतीय सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाने का संकेत दिया है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि वह आतंकवादियों को शरण देना बंद करे और भारत के खिलाफ अपने नापाक प्रयासों को रोक दे।

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