जखोड़ा गांव में पैंथर ने मचाया आतंक, चार लोग घायल, ट्रेंकुलाइज़र एक्सपर्ट पर भी किया हमला, जयपुर से पहुंची वन विभाग की टीम ने दो घंटे की मशक्कत के बाद किया रेस्क्यू (देखें पूरा वीडियो)

चिड़ावा, 6 मई। झुंझुनू जिले के मंड्रेला थाना क्षेत्र के जखोड़ा गांव में मंगलवार सुबह एक पैंथर के आने से अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान पैंथर ने तीन ग्रामीणों सहित जयपुर से आई वन विभाग की रेस्क्यू टीम के ट्रेंकुलाइज़र एक्सपर्ट पर भी हमला कर उन्हें घायल कर दिया। कई घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वन विभाग की टीम ने पैंथर को ट्रेंकुलाइज कर काबू में लिया।

जानकारी के अनुसार, पैंथर सबसे पहले सुबह छह बजे बुडानिया गांव में हवा सिंह झाझड़िया के घर में घुस गया और वहां मौजूद हवा सिंह, उसकी पुत्रवधू और एक अन्य महिला पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। शोरगुल मचने पर पैंथर वहां से भाग निकला। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे अलग-अलग स्थानों पर देखा। अंततः यह काजला का बास के एक खेत में बने पुराने बंद मकान में जा छिपा।

घटना की सूचना मिलते ही चिड़ावा और झुंझुनू वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे पैंथर को पकड़ नहीं सकीं। बाद में जयपुर से वन विभाग की विशेष रेस्क्यू टीम बुलाई गई। टीम ने शाम चार बजे ऑपरेशन शुरू किया। पैंथर जिस मकान में छिपा था, उसकी बाहरी दीवार पर चढ़कर ट्रेंकुलाइज़र एक्सपर्ट ने दो बार प्रयास किया। पहला शॉट खाली गया, जबकि दूसरा निशाने पर लगा। शॉट लगने के बाद पैंथर आक्रामक हो गया और दीवार पर बैठे एक्सपर्ट पर छलांग लगाकर हमला कर दिया।

हमले में एक्सपर्ट को कंधे और पीठ पर चोटें आईं और वह नीचे गिर पड़े। मौके पर मौजूद टीम ने लाठियों की मदद से पैंथर को हटाया। पैंथर कुछ दूरी पर एक खेत में जाकर सरसों की कड़बी के ढेरों में छिप गया। कुछ समय बाद जब टीम ने फिर से उसे ट्रेस किया तो उसने दोबारा हमला करने की कोशिश की। इसी दौरान दूसरा ट्रेंकुलाइज़र शॉट सफलतापूर्वक लग गया और कुछ ही समय बाद पैंथर निढाल होकर गिर गया।

रेस्क्यू टीम पैंथर को सुरक्षित तरीके से पकड़कर अपने साथ ले जाई। इस पूरी घटना में घायल दो महिलाओं की हालत गंभीर बताई गई है, जिन्हें इलाज के लिए झुंझुनू रेफर किया गया है।

वन विभाग के अनुसार, पैंथर संभवतः शाकम्बरी या उदयपुरवाटी के जंगलों से भटक कर शिकार की तलाश में गांव की ओर आ गया था। पैंथर के काबू में आने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

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