छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात, नक्सलवाद और विकास कार्यों पर हुई चर्चा

रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार, 18 मार्च को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद बुधवार, 19 मार्च को रायपुर पहुंचकर उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ हुई चर्चा की विस्तृत जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस मुलाकात में राज्य में हाल ही में हुए नगर निगम और पंचायती राज चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ऐतिहासिक जीत पर भी बातचीत हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ‘सुशासन, विकास और विश्वास की जीत’ करार दिया।

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प्रधानमंत्री मोदी का छत्तीसगढ़ दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री का दौरा राज्य के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

नक्सलवाद पर सरकार की सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को नक्सलवाद के खिलाफ राज्य सरकार और सुरक्षा बलों द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शांति और व्यवस्था स्थापित करने में सरकार को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।

शहरी विकास पर चर्चा

साय ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के बाहरी शहरी क्षेत्रों के विकास पर विशेष रूप से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन क्षेत्रों को आधुनिक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं से लैस करने की योजना है।

तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में आगामी 5-7 वर्षों में ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस निवेश से रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी है और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अनुकूल नीतियां बनाई गई हैं।

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बस्तर के लिए मास्टर प्लान

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष बस्तर के विकास के लिए तैयार किए गए मास्टर प्लान की भी रूपरेखा प्रस्तुत की। इस योजना में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं, उद्योगों और पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर को आत्मनिर्भर और समृद्ध क्षेत्र के रूप में स्थापित किया जाए।

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