चिडावा-सिंघाना: 167वें दिन भी जारी रहा यमुना नहर के पानी की मांग को लेकर किसानों का धरना, चेतावनी दी – “मरने तक जूझेंगे”

चिडावा, 16 जून: चिडावा-सिंघाना सड़क मार्ग बस स्टैंड लालचौक पर आज 167वें दिन भी किसान सभा के बैनर तले तहसील अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में यमुना नहर के पानी की मांग को लेकर किसानों का धरना जारी रहा।

गाँव-गाँव से जुट रहे किसान:

सैकड़ों किलोमीटर दूर-दूर से सैंकड़ों किसान और आम नागरिक धरने पर पहुंच रहे हैं। धरने पर पहुंचे रणधीर ओला और कुलदीप ने कहा कि पिछले साढ़े पांच-छह महीनों से लालचौक पर हो रहा यह आंदोलन और धरना यमुना नहर को शेखावाटी क्षेत्र में लाकर जीवन बचाने के लिए है।

सरकार पर लापरवाही का आरोप:

किसानों का आरोप है कि सरकार ने अब तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिसके चलते किसान और आम जनता भारी नाराजगी और गुस्से में हैं।

आगे की रणनीति:

रणधीर ओला और कुलदीप ने कहा कि किसान गाँव-गाँव संपर्क में जुटे हुए हैं और उग्र प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस समाधान नहीं निकाला तो किसान उग्र प्रदर्शन करेंगे।

किसानों की मांग:

किसानों की मांग है कि 1994 में हुए समझौते के अनुसार उन्हें यमुना नहर का पानी मिलना चाहिए।

किसानों का संकल्प:

किसानों ने कहा कि वे पानी और नहर के बिना शांत नहीं बैठेंगे और मरने तक संघर्ष करते रहेंगे।

केंद्र सरकार से अपील:

किसानों ने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और हरियाणा सरकार से बातचीत कर पानी लाने की अपील की है।

धरने पर मौजूद:

धरने पर आज किसान सभा के तहसील प्रभारी, जिला उपाध्यक्ष बजरंग बराला, कोषाध्यक्ष महेश चाहर, शेखावाटी नहर आंदोलन प्रवक्ता विजेंद्र शास्त्री, ताराचंद तानाण, सुरेन्द्र सिंह, हेमन्त बांझडौली, जयसिंह हलवाई, दीपक और सुनिल नालपुर, योगेन्द्र, मोनिका और श्रेया किढवाना, जयन्त चौधरी, सौरभ सैनी, अमित, इन्द्रजीत, एस पी जांगिड, अक्षय सिरसला, हजारी शाहपुर सहित अनेक किसान और आम नागरिक मौजूद थे।

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