“क्या राहुल गांधी को बोलने की आजादी नहीं है?” मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री से मांगा जवाब

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा राहुल गांधी के बारे में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। खरगे ने कहा कि हम यह देख रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने मंगलवार को पीएम मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने बीजेपी नेताओं की बयानबाजी पर चिंता व्यक्त की है।

बयानबाजी से देश का माहौल बिगड़ रहा है: खरगे

खरगे ने अपने बयान में कहा, “क्या राहुल गांधी को बोलने की आजादी नहीं है? क्या अमेरिका में जाकर वे अपनी बात नहीं कह सकते? मोदी साहब ने हमेशा देश से बाहर जाकर कांग्रेस को गालियाँ दी हैं और अब हमें सबक सिखाने की कोशिश की जा रही है। हम डरेंगे या झुकेंगे नहीं।”

खरगे ने आगे कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी से पूछता हूँ कि जब वे विदेश दौरे पर जाते हैं तो हमेशा कांग्रेस और उसकी नीतियों की आलोचना करते हैं। अब वही हमें सबक सिखाने की कोशिश कर रहे हैं। हम डरने या झुकने वाले नहीं हैं।”

राहुल गांधी पर बीजेपी के बयान की कड़ी आलोचना

कांग्रेस अध्यक्ष ने मंगलवार को पीएम मोदी को लिखे अपने पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी को लेकर बीजेपी नेताओं द्वारा दिए गए बयान आपत्तिजनक और निंदनीय हैं। खरगे ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि बीजेपी नेताओं की इन बयानों से देश की राजनीति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे अपने नेताओं को अनुशासन में रखें और ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें।

खरगे ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की बयानबाजी देश की राजनीतिक संस्कृति को गिराने का काम कर रही है। “अगर इस तरह के बयानबाजी से कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार कौन होगा?” खरगे ने प्रधानमंत्री से यह सवाल भी किया।

पत्र के प्रमुख बिंदु

मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा पीएम मोदी को भेजे गए पत्र में प्रमुख रूप से तीन मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया गया था:

  1. राहुल गांधी पर आपत्तिजनक बयान: एनडीए नेताओं द्वारा राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान बेहद आपत्तिजनक हैं।
  2. कानूनी कार्रवाई की मांग: ऐसे बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भारतीय राजनीति में अशांति ना फैले।
  3. प्रधानमंत्री से अपील: पीएम मोदी से अनुरोध किया गया कि वे अपने गठबंधन के नेताओं को अनुशासन में रखें और देश की राजनीति को बिगाड़ने से बचाएं।

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