झुंझुनूं: जिले के कानिका की ढाणी निवासी छात्र प्रदीप मेघवाल की मौत के बाद राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर नीट पेपर लीक मामला गरमा गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट रविवार को पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।

नीट परीक्षा में पेपर लीक और मानसिक तनाव से आहत होकर छात्र प्रदीप मेघवाल द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस संवेदनशील मामले को लेकर सचिन पायलट ने सरकार और परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

पेपर लीक को बताया सबसे बड़ा अपराध
सचिन पायलट ने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों ने जब खुद आवाज उठाई, तब जाकर परीक्षा रद्द हुई और जांच सीबीआई को सौंपी गई, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि पिछले तीन वर्षों से लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों में आखिर असली दोषियों को क्या सजा मिली।

उन्होंने कहा कि इस काले कारोबार के बड़े मगरमच्छ अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। मेहनत करने वाले युवाओं की उम्मीदों को भ्रष्ट तंत्र और पेपर लीक माफिया खत्म कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा
सचिन पायलट ने कहा कि जिस विभाग में बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाएं हो रही हैं, उस विभाग के शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने में पूरी तरह विफल रही है।

पायलट ने कहा कि एक होनहार और प्रतिभावान छात्र का इस तरह दुनिया छोड़ देना केवल एक परिवार का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि युवा दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार उनकी मेहनत पर पानी फेर देता है।
पीड़ित परिवार ने सौंपा लिखित ज्ञापन
प्रदीप मेघवाल के परिजनों ने सचिन पायलट को एक लिखित पत्र सौंपा, जिसमें पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए न्याय की मांग की गई। परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
इस मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया है। नेताओं का कहना है कि जब तक पेपर लीक घोटाले के मुख्य सरगनाओं और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक भविष्य में किसी दूसरे छात्र को इस व्यवस्था की भेंट चढ़ने से नहीं रोका जा सकता।

इस दौरान प्रदीप मेघवाल के निवास पर झुंझुनूं सांसद बृजेंद्र सिंह ओला, उदयपुरवाटी विधायक भगवानाराम सैनी, पिलानी विधायक पितराम सिंह काला, लाडनूं विधायक मुकेश भाकर और कांग्रेस नेता रफीक मंडेलिया सहित कई जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी नेताओं ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।




