उत्तर प्रदेश में मंत्री राजेश्वर सिंह के बयान से मचा सियासी घमासान, बकरीद को लेकर प्रशासन सतर्क

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार के दर्जा प्राप्त मंत्री राजेश्वर सिंह के विवादास्पद बयान ने प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। 5 जून को कुशीनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बकरीद के मद्देनज़र प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी को लेकर चेतावनी भरे लहजे में टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

बयान से उठी राजनीतिक गरमी

राजेश्वर सिंह ने अपने भाषण में कहा:

हम सभी को महाराज जी (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) के जन्मदिन पर संकल्प लेना चाहिए कि कोई भी प्रतिबंधित पशु, विशेषकर गाय माता, नहीं कटे। गाय, बछड़े, ऊंट जैसे किसी भी बड़े पशु की कुर्बानी नहीं होने देंगे।

लेकिन इसके बाद उन्होंने जो कहा, उसने विवाद को जन्म दे दिया। उन्होंने कहा:

बकरीद आ रही है। मुसलमानों को हम गाय नहीं काटने देंगे। अगर प्रतिबंधित पशु कटे तो मुसलमान भी कटेंगे और कुशीनगर में खून की धारा बह जाएगी।

इस बयान को कई राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्षी दलों ने “घृणास्पद और भड़काऊ” बताया है, वहीं कुछ हिंदू संगठनों ने इसे गौरक्षा के समर्थन में उठाया गया ठोस कदम करार दिया है।

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उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन की स्थिति स्पष्ट

राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से डीजीपी राजीव कृष्ण ने समस्त जिलों को सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बकरीद के मौके पर कहीं भी सार्वजनिक स्थल पर कुर्बानी देने पर रोक रहेगी और प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पूरी तरह वर्जित की गई है।

डीजीपी द्वारा लागू की गई विशेष रणनीति:

  • सभी जिलों में थानों द्वारा त्योहार रजिस्टर की समीक्षा
  • शांति समितियों और धार्मिक नेताओं के साथ बैठकें।
  • नगर निगमों के सहयोग से अवशेषों के निपटान की व्यवस्था।
  • नई परंपराओं की शुरुआत पर पूर्ण रोक।
  • राजपत्रित अधिकारियों के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती।

राज्य भर में हॉटस्पॉट्स को चिह्नित कर, वहां अतिरिक्त पुलिस, पीएसी, होमगार्ड्स की रणनीतिक तैनाती की गई है।

विवादित बयान की सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया

राजेश्वर सिंह के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिस पर तमाम यूज़र्स ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। ट्विटर (एक्स), फेसबुक और यूट्यूब पर #RajeshwarSingh, #Bakarid2025, #Gauraksha जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

  • कुछ यूज़र्स ने मंत्री के बयान को सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाला बताया है।
  • वहीं समर्थकों ने इसे “गौरक्षा का साहसिक आह्वान” कहा।
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राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने कहा:

इस तरह के बयान समाज में जहर घोलते हैं। मुख्यमंत्री को तुरंत मंत्री से इस्तीफा मांगना चाहिए।

कांग्रेस ने कहा:

यह सीधे-सीधे मुस्लिम समाज को धमकाना है। कानून का शासन कायम रहना चाहिए, न कि किसी मंत्री की धमकियों से डराया जाए।

भाजपा की प्रतिक्रिया:

राजेश्वर सिंह ने प्रतिबंधित पशुओं की बात की है, जो कानून के दायरे में है। लेकिन हम सबको संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए।

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