आगरा में ‘रक्त स्वाभिमान सम्मेलन’ के दौरान हंगामा, करणी सेना कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

आगरा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के कुबेरपुर मैदान में शनिवार को करणी सेना द्वारा आयोजित ‘रक्त स्वाभिमान सम्मेलन’ के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब कार्यक्रम में शामिल कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान क्षत्रिय समाज के लोगों ने मंच के सामने तलवारें और डंडे लहराते हुए नारेबाजी की, जिससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा।

राणा सांगा की जयंती पर विशाल आयोजन

करणी सेना ने यह आयोजन 12 अप्रैल को वीर शिरोमणि राणा सांगा की जयंती के अवसर पर किया था। पहले से ही इस सम्मेलन में देशभर से करीब 3 लाख लोगों के शामिल होने की घोषणा की गई थी। सुबह से ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सम्मेलन स्थल पर पहुंचने लगे थे। मंच से वक्ताओं ने राणा सांगा के गौरवशाली इतिहास को लेकर भाषण दिए, लेकिन जैसे ही सपा सांसद रामजीलाल सुमन के बयान का जिक्र हुआ, भीड़ आक्रोशित हो उठी।

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रामजीलाल सुमन के बयान पर भड़की करणी सेना

विवाद की जड़ समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन का वह बयान है जिसमें उन्होंने संसद में राणा सांगा को “गद्दार” बताया था। उन्होंने कहा था कि “राणा सांगा के निमंत्रण पर ही बाबर हिंदुस्तान आया था और इब्राहिम लोदी को हराने में उसकी मदद की थी।” इस बयान को करणी सेना और क्षत्रिय समाज ने अपमानजनक बताते हुए कड़ा विरोध जताया था।

इस बयान के बाद 26 मार्च को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने सांसद रामजीलाल सुमन के आगरा स्थित आवास पर हमला किया था, जिसमें तोड़फोड़ भी हुई थी। अब यही मुद्दा एक बार फिर ‘रक्त स्वाभिमान सम्मेलन’ में उभरा और आक्रोश का रूप ले बैठा।

पुलिस की मौजूदगी में भड़के कार्यकर्ता

प्रदर्शन को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर एडिशनल कमिश्नर सहित पुलिस के कई उच्चाधिकारी पहुंचे थे, लेकिन भीड़ के उग्र तेवर देखकर पुलिसकर्मी पीछे हट गए। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने ही तलवारें व डंडे लहराते हुए रामजीलाल सुमन के खिलाफ नारेबाजी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कानून व्यवस्था की स्थिति क्षणिक रूप से बेकाबू हो गई थी।

सांसद ने दी सफाई

बवाल के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन ने सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा किसी भी समुदाय या समाज की भावनाओं को आहत करने का नहीं था। उन्होंने अपने बयान को ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित बताया और कहा कि उनकी बात को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।

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लेकिन करणी सेना और क्षत्रिय समाज उनके बयान को राणा सांगा के अपमान के रूप में देख रहे हैं। सम्मेलन के आयोजकों ने मंच से स्पष्ट कहा कि जब तक सांसद माफी नहीं मांगते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

पुलिस अलर्ट, तनाव बरकरार

पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। चूंकि सांसद का आवास सम्मेलन स्थल से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर है, ऐसे में पुलिस ने उस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।

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