
चिड़ावा: मानवता, करुणा और सेवा की भावना को समर्पित जनसहयोग से संचालित श्री श्याम शरणम् आश्रम का भव्य शुभारम्भ रविवार को संपन्न हुआ। वृद्ध, असहाय, निराश्रित एवं जरूरतमंद प्रभुजनों की सेवा के उद्देश्य से स्थापित इस आश्रम का उद्घाटन लोहार्गल पीठ के महंत अवधेशाचार्य एवं झुंझुनूं जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।

कार्यक्रम में आश्रम की प्रबंधक अंकिता सैनी ने जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अपने संबोधन में डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि असहाय एवं जरूरतमंद वृद्धजनों की सेवा से बढ़कर कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है” और प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, स्वास्थ्य और सुख के साथ जीवन जीने का अधिकार है। उन्होंने आश्रम संचालन समिति को भरोसा दिलाया कि आवश्यकता पड़ने पर वे व्यक्तिगत स्तर पर भी हरसंभव सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।

महंत अवधेशाचार्य ने आश्रम की सफलता और जनकल्याण के लिए आशीर्वचन देते हुए कहा कि आदर्श समाज में वृद्धाश्रमों की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में ऐसे सेवा कार्य समय की मांग बन गए हैं। उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठ और असहाय लोगों को किसी भी स्थिति में उपेक्षा और कष्ट का सामना नहीं करना चाहिए।

हाल ही में देश के श्रेष्ठ 100 जिला कलेक्टरों में स्थान प्राप्त करने पर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की ओर से संजय शर्मा ने डॉ. अरुण गर्ग को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर वाणीभूषण प्रभुशरण तिवारी, गोपाललाल मिश्रा और संजय शर्मा ने भी विचार व्यक्त करते हुए आश्रम की इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व पुलिस अधीक्षक सुंदरलाल अरड़ावतिया ने की। उन्होंने कहा कि 82 वर्ष की आयु में उन्होंने चिड़ावा में ऐसा सामाजिक, मानवीय और पुण्य कार्य पहली बार देखा है, जो समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आया है।

आश्रम के निदेशक अनिल शर्मा भारती ने अपने उद्बोधन में बताया कि उन्हें अपने माता-पिता की प्रेरणा से इस सेवा कार्य का संकल्प मिला। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को थोड़ा-सा समय, सहयोग और संवेदना देना उसके जीवन को पूरी तरह बदल सकता है। उन्होंने बताया कि आश्रम की हेल्पलाइन 24 घंटे सक्रिय रहेगी तथा रेस्क्यू टीम हर समय जरूरतमंद वृद्ध, असहाय और निराश्रित लोगों की सहायता के लिए तैयार रहेगी।

कार्यक्रम का संचालन कवि नागेन्द्र शर्मा ने किया। इस अवसर पर मूर्तिकार मातुराम वर्मा, कर्मवीर कटेवा, महेश शर्मा आजाद, डॉ. लक्ष्मीकांत शर्मा, रामवतार जांगिड़, सुरेश जलिंद्र, मंजु पवन शर्मा, डॉ. अनिल अनमोल, रमेश शून्य, राजेंद्र ढाका, जय सिंह डूडी, संतोष सैनी, अरुण दधीच, अशोक शर्मा, सुभाष व्यास, देव चौधरी, महेश ढेढीया, आशीष अग्रवाल, चंद्रशेखर बागड़ी और रामचंद्र बागड़ी सहित अनेक समाजसेवी, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मानवता, करुणा और सेवा के इस पावन संकल्प के साथ श्री श्याम शरणम् आश्रम ने चिड़ावा क्षेत्र के जरूरतमंद वृद्धजनों को सम्मान, सुरक्षा और अपनत्व प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। यह आश्रम न केवल जरूरतमंदों के लिए आश्रय बनेगा, बल्कि समाज में सेवा और संवेदनशीलता की नई मिसाल भी स्थापित करेगा।




