अजिंक्य रहाणे के आउट होने के बाद दोबारा बैटिंग पर विवाद, अंपायर का फैसला चौंकाने वाला

मुंबई V/s जम्मू-कश्मीर: इस समय खेली जा रही रणजी ट्रॉफी में अंपायरिंग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। खासकर, मुंबई और जम्मू-कश्मीर के बीच खेले जा रहे मुकाबले में अंपायरिंग के एक फैसले ने सभी को चौंका दिया। मैच में भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे को आउट दिए जाने के बाद वापस बल्लेबाजी के लिए बुला लिया गया, जिससे खेल प्रेमियों और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई है।

अंपायरिंग की गलती से बढ़ा विवाद

यह घटना मुंबई की दूसरी पारी के 25वें ओवर में घटी। शुक्रवार को मैच के दूसरे दिन जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज उमर नजीर ने अजिंक्य रहाणे को विकेटकीपर के हाथों कैच आउट करा दिया था। मैदानी अंपायरों ने रहाणे को आउट करार दिया, जिसके बाद वह पवेलियन लौट गए और उनकी जगह शार्दूल ठाकुर मैदान पर बल्लेबाजी के लिए उतर आए। लेकिन तभी अंपायरों ने निर्णय की समीक्षा करने का फैसला किया।

तीसरे अंपायर ने जब रीप्ले देखा तो पाया कि जिस गेंद पर रहाणे आउट हुए थे, वह नो बॉल थी। इस फैसले ने मैच का रुख ही बदल दिया। मैदानी अंपायरों ने तुरंत ठाकुर को पवेलियन लौटने का निर्देश दिया और रहाणे को वापस बुला लिया। हालांकि, इस विवादास्पद फैसले के बाद घरेलू क्रिकेट में अंपायरिंग की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

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अंपायरों का तर्क और रहाणे की प्रतिक्रिया

जब अजिंक्य रहाणे वापस मैदान में आए तो अंपायरों ने उन्हें बताया कि उन्होंने मुंबई के कप्तान से रुकने को कहा था, लेकिन रहाणे ने इसे सुना नहीं था और पवेलियन लौट गए थे। नियमों के तहत, यदि बल्लेबाज यह मानते हुए मैदान छोड़ देता है कि वह आउट हो गया है, लेकिन अंपायर उसे आधिकारिक रूप से आउट घोषित नहीं करते हैं, तो उसे वापस बुलाया जा सकता है। इसी नियम का पालन करते हुए अंपायरों ने रहाणे को दोबारा बल्लेबाजी का मौका दिया।

हालांकि, रहाणे का मैदान पर दोबारा लौटना भी मुंबई के लिए ज्यादा मददगार साबित नहीं हुआ। कुछ ही देर बाद, पारस डोगरा ने उनका शानदार कैच लपका और वह जल्द ही पवेलियन लौट गए।

क्या कहता है क्रिकेट का नियम?

क्रिकेट नियमों के अनुसार, यदि किसी बल्लेबाज को आउट दिए बिना ही वह मैदान छोड़ देता है और बाद में अंपायर यह महसूस करते हैं कि वह वास्तव में आउट नहीं था, तो उसे वापस बुलाया जा सकता है। साथ ही, इस स्थिति में गेंद को “डेड बॉल” करार दिया जाता है। इस नियम के आधार पर अंपायरों ने रहाणे को वापस बुलाने का निर्णय लिया।

अंपायरिंग की गुणवत्ता पर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद घरेलू क्रिकेट में अंपायरिंग की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पहली बार नहीं है जब रणजी ट्रॉफी में अंपायरिंग को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले भी कई मुकाबलों में अंपायरिंग के गलत फैसलों के चलते खिलाड़ियों और टीमों को नुकसान उठाना पड़ा है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय घरेलू क्रिकेट में अंपायरिंग के स्तर को सुधारने की जरूरत है, ताकि इस तरह के विवाद भविष्य में न हों।

कोहली की रणजी ट्रॉफी वापसी भी चर्चा में

इस बीच, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली की रणजी ट्रॉफी में संभावित वापसी को लेकर भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह देखा जा रहा है। खबरों के मुताबिक, कोहली के मैच के लिए विशेष योजना बनाई गई है और इस मुकाबले को देखने के लिए 10,000 दर्शकों को मुफ्त में एंट्री दी जाएगी।

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