झुंझुनूं: खिरोड़ के युवा साहसी सुनील रेसर की 7000 किलोमीटर लंबी कश्मीर से कन्याकुमारी पैदल यात्रा मंगलवार को नवलगढ़ पहुंची। प्रतिदिन 60 किलोमीटर से अधिक चलने का अद्भुत जज्बा दिखा रहे सुनील ने अपने मिशन से लोगों को प्रेरित किया, वहीं नवलगढ़ में उनका सम्मान समारोह चर्चा का केंद्र बना।
कश्मीर से कन्याकुमारी के 7000 किलोमीटर के लक्ष्य को लेकर निकले युवा धावक सुनील रेसर अपनी 19वीं दिन की यात्रा के दौरान नवलगढ़ पहुंचे। रोजाना लगभग 60 किलोमीटर पैदल तय करते हुए राजस्थान, हरियाणा और आगे दक्षिण भारत की ओर बढ़ने की तैयारी में हैं।
सुनील ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य जागरूकता पैदा करना, युवाओं में हौसला बढ़ाना और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाना है। उनका कहना था कि कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य पर टिके रहना ही सफलता की असली ताकत है।
नवलगढ़ पहुंचते ही सुनील रेसर का अम्बेडकर पार्क में रेगर समाज विकास समिति द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। समारोह की शुरुआत में उन्होंने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और प्रेरणा लेने की बात कही।
इसके बाद स्थानीय लोगों ने माल्यार्पण कर उनके साहसिक मिशन को सलाम किया। कार्यक्रम स्थल पर युवाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों में खास उत्साह देखने को मिला।
सम्मान समारोह के दौरान रेगर समाज और स्थानीय समुदाय के कई लोग उपस्थित थे।
जनसमूह में मौजूद शिवदयाल जागृत, रमेश जागृत, कृष्णा डीग्वाल, विजयेंद्र सोकरिया, कैलाश डीग्वाल, मिथुन सबल, राहुल सबल, जिकरुद्दीन लीलकर, सीताराम मंडावरिया, विनोद डीग्वाल, रमेश माछलपुरिया, अमित, नरेश, गणेश डीग्वाल और गीगराज ने सुनील के जज्बे की तारीफ की और यात्रा सफलतापूर्वक पूरी होने की कामना की।
नवलगढ़ से आगे सुनील रेसर दक्षिण भारत की ओर कूच करेंगे। झुंझुनूं जिले का यह पड़ाव उनके अभियान को नई ऊर्जा देता दिखा। स्थानीय लोगों ने विश्वास जताया कि सुनील देशभर में राजस्थान का नाम रोशन करेंगे।


Leave a Reply