Tuesday, January 13, 2026
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सूरजगढ़ में स्वदेशी मेले का आगाज, 16 जनवरी से दिखेगी आत्मनिर्भर भारत की झलक

सूरजगढ़: कस्बे में स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में आयोजित होने वाले स्वदेशी मेले 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को स्वदेशी मेला कार्यालय का भव्य उद्घाटन किया गया। आगामी 16 से 26 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह मेला स्वदेशी उत्पादों, कुटीर उद्योग, ग्रामीण हस्तशिल्प और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में नगरवासियों की उपस्थिति ने आयोजन की व्यापकता को स्पष्ट कर दिया।

गरिमामय समारोह में हुआ मेला कार्यालय का उद्घाटन

सूरजगढ़ में आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान महंत बालकनाथ विधायक तिजारा, महंत सूरजनाथ, लोकेंद्र सिंह नरुका जयपुर प्रांत समन्वयक, डॉ. अशोक सिंह शेखावत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ झुंझुनूं विभाग संघचालक और नगरपालिका चेयरमैन पुष्पा सेवाराम गुप्ता ने संयुक्त रूप से फीता काटकर स्वदेशी मेला कार्यालय का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभाव और स्वदेशी चेतना से ओतप्रोत रहा।

स्वदेशी आंदोलन से जुड़े आर्थिक राष्ट्रवाद पर जोर

समारोह को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि स्वदेशी मेला केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि आर्थिक राष्ट्रवाद का सशक्त माध्यम है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और स्वदेशी उत्पाद निर्माताओं को सीधे बाजार उपलब्ध कराना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। विदेशी उत्पादों पर बढ़ती निर्भरता को कम कर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद है।

“स्वदेशी राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ा विषय” – बालकनाथ

कार्यक्रम में अपने संबोधन में महंत बालकनाथ ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच द्वारा किया जा रहा यह प्रयास समाज में आर्थिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान को मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि जब तक देश की अर्थव्यवस्था गांव, कुटीर उद्योग और स्थानीय उत्पादन से नहीं जुड़ेगी, तब तक वास्तविक आत्मनिर्भरता संभव नहीं है।

मेले की रूपरेखा और प्रमुख आकर्षण

लोकेंद्र सिंह नरुका ने स्वदेशी मेले की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि मेले में ग्रामीण उद्योग, कुटीर उद्योग, स्वदेशी वस्त्र, हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ ही विचार गोष्ठियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मेले को विशेष पहचान देंगी।

स्वदेशी केवल आर्थिक नहीं, सांस्कृतिक विषय भी – डॉ. शेखावत

डॉ. अशोक सिंह शेखावत ने अपने विचार रखते हुए कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक अवधारणा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा विषय है। वहीं नगरपालिका चेयरमैन पुष्पा गुप्ता ने नगरवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें।

जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की मजबूत उपस्थिति

कार्यक्रम में पूर्व सांसद संतोष अहलावत, पूर्व विधायक सुभाष पुनिया, बालकृष्ण शर्मा झुंझुनूं विभाग संयोजक, ब्रह्मदत्त मीणा गुड़ा झुंझुनूं विभाग सह संयोजक, मेला प्रमुख विक्रम सिंह राठौड़, डॉ. दशरथ सिंह भाजपा प्रदेश प्रवक्ता, राकेश शर्मा, कृष्ण सैनी और मनोज शर्मा सहित** स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।

राष्ट्रहित के संकल्प के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, स्वदेशी भावना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ किया गया। आयोजकों ने बताया कि आगामी दिनों में मेले को लेकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।

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