राजस्थान कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले: अब राजस्थान में बनेंगे हवाई जहाज, चिप डिजाइन से बढ़ेगा हाईटेक निवेश

जयपुर: राजस्थान कैबिनेट बैठक आज राज्य की औद्योगिक और तकनीकी दिशा तय करने वाला दिन साबित हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में एयरोस्पेस, डिफेंस और सेमीकंडक्टर नीति को मंजूरी देकर सरकार ने संकेत दे दिया है कि अब राजस्थान हाईटेक निवेश और अत्याधुनिक उद्योगों का नया केंद्र बनने जा रहा है। मंत्रियों राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और जोगाराम पटेल ने बैठक के बाद प्रेस को फैसलों की जानकारी दी।

कैबिनेट बैठक से पहले सरकार ने तय किया विकास का रोडमैप

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र से पहले हुई इस अहम कैबिनेट बैठक में अशांत क्षेत्रों में किरायेदारों के अधिकारों की सुरक्षा, एयरोस्पेस और डिफेंस नीति, सेमीकंडक्टर नीति, ऊर्जा परियोजनाओं को भूमि आवंटन, आरपीएससी नियमों में संशोधन और ग्राम उत्थान शिविर जैसे कई फैसलों को मंजूरी दी गई।बैठक के बाद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और जोगाराम पटेल ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि सरकार का फोकस निवेश, तकनीक और रोजगार पर है।

अशांत क्षेत्रों में संपत्ति और किरायेदारों को मिलेगा संरक्षण

कैबिनेट ने अशांत क्षेत्रों में स्थायी निवासियों की संपत्तियों और किरायेदारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए नए विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दी। सरकार का मानना है कि जनसंख्या असंतुलन के कारण कई क्षेत्रों में सामुदायिक सद्भाव प्रभावित हो रहा है और लोग मजबूरी में अपनी संपत्ति बेच रहे हैं।इस कानून के लागू होने से स्थायी निवासियों की संपत्ति सुरक्षित रहेगी और सामाजिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी 2025 से बनेंगे हवाई जहाज

राजस्थान कैबिनेट ने राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी 2025 को मंजूरी देकर राज्य को रक्षा और अंतरिक्ष विनिर्माण का बड़ा केंद्र बनाने का रास्ता साफ कर दिया।इस नीति के तहत 50 करोड़ से 300 करोड़ तक निवेश वाली परियोजनाओं को लार्ज, 300 करोड़ से 1000 करोड़ तक मेगा और 1000 करोड़ से अधिक को अल्ट्रा मेगा श्रेणी में रखा गया है।सरकार एयरोस्पेस पार्कों में लगने वाली इकाइयों को 7 वर्षों तक राज्य कर में 75 प्रतिशत पुनर्भरण, 10 वर्षों तक पूंजीगत अनुदान और रोजगार बढ़ाने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देगी।नीति से रक्षा उपकरण, विमान पुर्जे, मरम्मत केंद्र और प्रिसीजन इंजीनियरिंग इकाइयों की स्थापना होगी, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर बनेंगे।

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2025 से चिप डिजाइन का रास्ता खुला

प्रदेश की पहली राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2025 को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसका लक्ष्य सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिजाइन और पैकेजिंग में बड़े निवेश को आकर्षित करना है।सरकार इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क से छूट, स्टांप शुल्क में 75 प्रतिशत छूट और केंद्र की पूंजी सब्सिडी के 60 प्रतिशत के बराबर राज्य अनुदान देगी।इस नीति से राजस्थान में हाईटेक उद्योग, अनुसंधान केंद्र और तकनीकी रोजगार तेजी से बढ़ेंगे।

सौर ऊर्जा परियोजनाओं को मिली बड़ी जमीन

कैबिनेट ने बीकानेर जिले के लाखूसर में 72.06 हेक्टेयर और जैसलमेर जिले के रामगढ़ उत्तर में 745.41 हेक्टेयर भूमि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवंटित करने की मंजूरी दी। इससे राज्य की अक्षय ऊर्जा क्षमता बढ़ेगी और बिजली आपूर्ति मजबूत होगी।

23 जनवरी से ग्राम उत्थान शिविर और मेगा पीटीएम

सरकार 23 जनवरी से प्रदेशभर में 2839 ग्राम उत्थान शिविर लगाएगी, जिनमें किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ मिलेगा।इसी दिन सभी राजकीय विद्यालयों में मेगा पीटीएम होगा, जिसमें करीब 65 लाख अभिभावक शामिल होंगे और बच्चों की पढ़ाई की प्रगति पर चर्चा की जाएगी।

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