चिड़ावा: नहर की साहित्यिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई देते हुए विश्व की पांच हजार साहित्यिक हस्तियों में शामिल रहे डॉ. ओमप्रकाश पचरंगिया की धर्म पत्नी गंगा पचरंगिया को साहित्यिक गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान के लिए मीरा बाई नव उदय सम्मान से सम्मानित किया गया। जयपुर में आयोजित इस साहित्यिक समारोह में साहित्य, कला और संस्कृति का प्रभावशाली संगम देखने को मिला, जिसने साहित्य प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया।

जयपुर के विद्याधर नगर स्थित जांगिड़ मंगल भवन में आयोजित साहित्यिक समारोह में गंगा पचरंगिया को दुपट्टा, सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर साहित्यकार शिव्या जैन सहित कई प्रतिष्ठित साहित्यकार और विशिष्टजन मौजूद रहे। समारोह में साहित्यिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

सम्मान ग्रहण करते हुए गंगा पचरंगिया ने कहा कि इस तरह के साहित्यिक आयोजन न केवल लेखन प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि नृत्य और गायन जैसी सांस्कृतिक विधाओं से जुड़े कलाकारों को भी आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज में रचनात्मक चेतना के विकास के लिए आवश्यक बताया।

समारोह के दौरान साहित्यकार ओमप्रकाश पचरंगिया की बेटी चंचल शर्मा की पुस्तक ज्योतिर्मय का विधिवत विमोचन किया गया। पुस्तक विमोचन के अवसर पर उपस्थित साहित्यकारों ने कृति की विषयवस्तु और साहित्यिक मूल्य की सराहना की, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग तब और गहरे हो गए जब पचरंगिया की दौहित्री राजश्री शर्मा ने कत्थक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी भावपूर्ण और सशक्त नृत्य अभिव्यक्ति ने उपस्थित दर्शकों की भरपूर सराहना बटोरी।

इस साहित्यिक आयोजन में ऋतु अग्रवाल, शैव्या जैन सहित अनेक साहित्यकारों और कला प्रेमियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने आयोजन को सफल और यादगार बनाया।

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