नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) की नियुक्ति की घोषणा कर दी है। वे वर्तमान सीडीएस अनिल चौहान का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल आगामी 30 मई को समाप्त होने जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, एन एस राजा सुब्रमणि कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में भी जिम्मेदारी निभाएंगे।

रक्षा और सुरक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा फैसला
भारत सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है जब देश की सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एन एस राजा सुब्रमणि की नियुक्ति भारतीय सेना के आधुनिकीकरण, थिएटर कमांड और सामरिक समन्वय को नई दिशा दे सकती है। रक्षा मंत्रालय, भारतीय सेना, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और सैन्य मामलों के विभाग में उनके लंबे अनुभव को इस नियुक्ति का प्रमुख आधार माना जा रहा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी
लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि 1 सितंबर 2025 से अब तक राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों, सीमाई चुनौतियों और रक्षा समन्वय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में भूमिका निभाई।

थल सेना के उप-प्रमुख के रूप में भी दे चुके हैं सेवाएं
इससे पहले वे 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक भारतीय थल सेना के उप-प्रमुख रहे। उनके कार्यकाल में सैन्य आधुनिकीकरण, ऑपरेशनल तैयारियों और सीमा सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए थे।

मध्य कमान की कमान भी संभाल चुके हैं राजा सुब्रमणि
मार्च 2023 से जून 2024 तक उन्होंने मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने सेना की रणनीतिक क्षमताओं को मजबूत करने और प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया।

सैन्य मामलों के विभाग के सचिव की भी संभालेंगे जिम्मेदारी
सरकारी आदेश के अनुसार, नए सीडीएस के तौर पर नियुक्ति के साथ ही एन एस राजा सुब्रमणि सैन्य मामलों के विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। यह विभाग तीनों सेनाओं के बीच समन्वय, रक्षा सुधार और सैन्य नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाता है।

कौन हैं एन एस राजा सुब्रमणि?
एन एस राजा सुब्रमणि भारतीय सेना के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने लंबे सैन्य करियर में कई रणनीतिक और प्रशासनिक पदों पर सेवाएं दी हैं। सेना के भीतर उन्हें मजबूत नेतृत्व, रणनीतिक सोच और प्रशासनिक दक्षता के लिए जाना जाता है।

भारत की रक्षा रणनीति पर रहेगी सबकी नजर
एन एस राजा सुब्रमणि की नियुक्ति के बाद अब देश की रक्षा नीति, थिएटर कमांड व्यवस्था और सीमाई सुरक्षा रणनीतियों पर विशेष नजर रहेगी। आने वाले समय में उनके नेतृत्व में भारतीय सेना के संयुक्त संचालन और सैन्य समन्वय को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




