Sunday, March 29, 2026
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SIR प्रक्रिया और मनरेगा बचाओ संग्राम पर कांग्रेस का फोकस, पिलानी विधायक पितराम सिंह काला ने PCC कार्यशाला में उठाई सामाजिक न्याय की आवाज

पिलानी/ जयपुर: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग की दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान संगठन विस्तार, दलित अधिकारों, SIR प्रक्रिया और मनरेगा बचाओ संग्राम जैसे मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ। PCC कार्यालय में आयोजित इस बैठक में पिलानी विधायक पितराम सिंह काला ने सामाजिक समानता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा को लेकर संगठनात्मक भूमिका को मजबूत करने का आह्वान किया गया।

PCC कार्यालय में हुई अनुसूचित जाति विभाग की दो दिवसीय कार्यशाला

जयपुर स्थित PCC कार्यालय में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग द्वारा दो दिवसीय संभाग प्रभारी और जिलाध्यक्षों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता ममता भूपेश ने की, जिसमें संगठन के विस्तार, जमीनी गतिविधियों और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों को संगठनात्मक ढांचे के माध्यम से मजबूती देना रहा।

पिलानी विधायक पितराम सिंह काला ने रखा सामाजिक न्याय का एजेंडा

कार्यशाला में पिलानी विधायक पितराम सिंह काला ने समानता, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दलित और वंचित समुदायों के खिलाफ हो रहे अत्याचार के मामलों पर संगठन को संवेदनशील और सक्रिय भूमिका निभानी होगी। संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण के लिए जमीनी फीडबैक लेते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद बनाए रखने का आग्रह किया।

SIR प्रक्रिया और दलित अधिकारों पर जागरूकता का आह्वान

बैठक के दौरान SIR प्रक्रिया के माध्यम से दलित और वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों के संभावित हनन को लेकर चिंता जताई गई। पितराम सिंह काला ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाकर समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक जानकारी पहुंचानी चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर अधिकारों का हनन न हो।

मनरेगा बचाओ संग्राम में प्रभावी भूमिका निभाने की अपील

कार्यशाला में मनरेगा बचाओ संग्राम को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़े इस मुद्दे पर कांग्रेस संगठन को प्रभावी भूमिका निभानी होगी। इस अभियान को सामाजिक न्याय और आर्थिक सुरक्षा से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं को आंदोलनात्मक और रचनात्मक दोनों स्तरों पर सक्रिय रहने का संदेश दिया गया।

राष्ट्रीय समन्वयकों की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व

इस अवसर पर राष्ट्रीय समन्वयक महेंद्र बौद्ध और राकेश शेरसिया भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने संगठनात्मक मजबूती, दलित वर्गों के अधिकार और कांग्रेस की वैचारिक प्रतिबद्धता पर अपने विचार साझा किए, जिससे कार्यशाला की दिशा और उद्देश्य और अधिक स्पष्ट हुआ।

संगठन विस्तार और जमीनी फीडबैक पर रहा विशेष फोकस

कार्यशाला के दौरान संभाग प्रभारी और जिलाध्यक्षों से संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर फीडबैक लिया गया। बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि सामाजिक न्याय, दलित अधिकार, मनरेगा और SIR जैसे मुद्दों पर जमीनी स्तर पर सक्रियता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।

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