राजस्थान सरकार का नया निर्देश: पुलिस विभाग में उर्दू/फारसी शब्दों के स्थान पर हिंदी के सरल शब्दों का होगा प्रयोग

जयपुर, 14 जून 2025– राज्य सरकार ने पुलिस प्रशासन में आमजन की बेहतर समझ और संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पुलिस विभाग को निर्देशित किया है कि भविष्य में उर्दू/फारसी भाषा के शब्दों के स्थान पर हिंदी के सरल और सहज शब्दों का उपयोग किया जाए।

यह आदेश गृह राज्य मंत्रालय कार्यालय के पत्र संख्या 1551 दिनांक 30.09.2024 के आधार पर जारी किया गया है, जिसमें उल्लेख किया गया कि वर्तमान में पुलिस विभाग द्वारा कार्यवाहियों, प्रपत्रों, नोटिसों और सूचनाओं में उर्दू/फारसी शब्दों का अत्यधिक उपयोग किया जाता है। इससे आमजन को पुलिस के कार्यों को समझने में कठिनाई होती है, जिससे न्याय प्राप्ति में बाधा आती है।

निर्देश में यह भी बताया गया कि अधिकतर नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने उर्दू/फारसी भाषा का अध्ययन नहीं किया होता है। इसके विपरीत, हिंदी भाषा को ही नागरिक अधिक सहजता से समझ पाते हैं। अतः पुलिस विभाग में हिंदी भाषा के शब्दों का प्रयोग कर सूचनाओं, आदेशों एवं योजनाओं को अधिक स्पष्ट और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है।

गृह राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी भाषाओं का सम्मान करते हुए भी, प्रशासनिक सरलता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हिंदी शब्दों का प्रयोग प्राथमिकता के रूप में किया जाना चाहिए। इससे पुलिस और आमजन के बीच संवाद अधिक प्रभावी और सुगम होगा।

अंत में मंत्री ने निर्देश दिया कि इस संदर्भ में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर त्वरित कार्यवाही की जाए, ताकि उच्च स्तर पर निर्णय लेकर इस प्रक्रिया को पूरी तरह से लागू किया जा सके।

यह आदेश राज्य भर के पुलिस थानों, कार्यालयों और अधीनस्थ इकाइयों में लागू होगा और हिंदी को प्रशासनिक भाषा के रूप में और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

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