पाकिस्तान: ‘मुझे गद्दार कह लें, लेकिन ड्रोन हमलों में शहीद हुए जवानों को मत भूलिए’ – पाकिस्तानी पत्रकार का झकझोर देने वाला बयान

पाकिस्तान: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में सरकार की कथित जीत की घोषणा को लेकर वहां के कुछ साहसी पत्रकारों और यूट्यूबरों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान की सत्ता पर निशाना साधते हुए पत्रकार अहमद नूरानी, असद तूर और विश्लेषक कमर चीमा ने खुलकर कहा है कि जनता को झूठ परोसकर बेवकूफ बनाया जा रहा है। इनका दावा है कि भारत के जवाबी हमलों ने पाकिस्तान के कई शहरों को खौफ के साए में धकेल दिया था, लेकिन सरकार इसे छिपा रही है।

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पाकिस्तान में खौफ, लेकिन सरकार का जश्न

7 मई के बाद पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांत के कई शहरों में भारतीय ड्रोन हमलों के बाद डर का माहौल बना रहा। रावलपिंडी, अटक और अन्य इलाकों में इन ड्रोन हमलों से जनहानि हुई। अहमद नूरानी ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “पाकिस्तान की सरकार कहती है कि हमने भी जवाब दिया, लेकिन क्या हमारे पास इसका कोई सबूत है? कौन-से टारगेट्स हिट हुए? क्या भारत में किसी शहर में डर का माहौल बना?” उन्होंने कहा कि, “आप अपने बच्चों को झूठ बताकर बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन हकीकत को बदल नहीं सकते।”

‘मोदी 200 फीसदी सफल हैं’ – कमर चीमा का तंज

पाकिस्तानी टीवी कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए कमर चीमा ने कहा, “आपके घर के अंदर हमला हुआ है और आप जश्न मना रहे हैं। भारत ने मनोवैज्ञानिक तौर पर जीत हासिल की है। पाकिस्तान की नेतृत्व क्षमता भ्रमित है। मोदी 100 नहीं, 200 फीसदी सफल हैं।”

भारत की रणनीति से पाकिस्तान को हो रहा बड़ा नुकसान – असद तूर

पत्रकार असद तूर ने सरकार की कथित सैन्य प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, “भारत जानता है कि पारंपरिक युद्ध की कीमत पाकिस्तान के लिए बहुत ज्यादा है। इसलिए भारत ऐसे हमलों की रणनीति अपनाता है जिससे पाकिस्तान को रणनीतिक और आर्थिक नुकसान हो। हर बार भारत की कार्रवाई की कीमत पाकिस्तान को भारी पड़ती है।”

सरकार का दावा और जनता की प्रतिक्रिया

11 मई को पाकिस्तान सरकार ने ‘शुक्रिया दिवस’ मनाया और दावा किया कि चार दिन की इस जंग में पाकिस्तान को जीत मिली है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आह्वान पर कई जगह पटाखे छोड़े गए और लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे सेलिब्रेट किया। लेकिन मीडिया और विश्लेषकों का कहना है कि यह जीत सिर्फ एक भ्रम है।

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मीडिया सेंसरशिप के बीच उठती आवाजें

पाकिस्तान में सेना और सरकार की ओर से मीडिया पर सख्त सेंसरशिप लागू है। इसके बावजूद पत्रकार अहमद नूरानी के कई वीडियो वायरल हुए, जिन्हें सरकार ने बाद में ब्लॉक कर दिया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की स्थिति को उजागर करते हुए कहा कि सरकार सच्चाई छिपा रही है और इसे जनता के सामने लाना जरूरी है।

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