पहलगाम बैसरन घाटी नरसंहार: 20 दिन बाद भी फरार हैं हमलावर, सुराग देने पर 20 लाख का इनाम घोषित

जम्मू-कश्मीर: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले को लेकर अब भी गुस्सा और शोक का माहौल बना हुआ है। इस निर्मम नरसंहार में 28 लोगों की जान गई, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। हमले के 20 दिन बीतने के बावजूद हमलावर अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

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संदिग्ध आतंकियों की तस्वीरें जारी, 20 लाख का इनाम घोषित

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम हमले में शामिल तीन संदिग्ध आतंकियों की तस्वीरें जारी की हैं। इन आतंकियों की तलाश में अनंतनाग, शोपियां, कुलगाम सहित कश्मीर के विभिन्न इलाकों में पोस्टर लगाए गए हैं

पुलिस की ओर से कहा गया है कि इन आतंकियों के बारे में विश्वसनीय जानकारी देने वाले को 20 लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। साथ ही, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी

पोस्टरों में ‘आतंकमुक्त कश्मीर’ के संकल्प को दोहराते हुए नागरिकों से आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की अपील की गई है।

जगह-जगह छापेमारी जारी

इस हमले की जांच कर रही एजेंसियों ने कई ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को हिरासत में लिया है। माना जा रहा है कि ये संदिग्ध आतंकियों को रसद, ठिकाना और भागने में मदद कर रहे थे।

सेना का करारा जवाब: ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत POK में सैन्य कार्रवाई

भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात आतंकियों के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया

इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है। रक्षा मंत्री के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में करीब 100 आतंकवादी मारे गए हैं। यह कदम पहलगाम नरसंहार के बाद भारतीय सेना की प्रत्यक्ष और निर्णायक प्रतिक्रिया माना जा रहा है।

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रक्षा मंत्री का बयान:

“यह हमला भारत की संप्रभुता पर सीधा हमला था। इसका उत्तर आतंक के स्त्रोत को खत्म करके दिया गया है। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाएगा।”

बैसरन घाटी हमले की पृष्ठभूमि

22 अप्रैल को पर्यटकों और स्थानीय लोगों से भरी बैसरन घाटी में हुए इस आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग और विस्फोट कर 26 निर्दोष लोगों की जान ले ली थी

यह हमला ऐसे समय पर हुआ जब घाटी में पर्यटन सीजन चरम पर था और बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक मौजूद थे।

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