चिड़ावा, 27 अप्रैल 2025: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश की लहर देखी जा रही है। इसी कड़ी में चिड़ावा के समीप स्थित गांव अडूका में देर शाम सर्व हिंदू समाज के आह्वान पर एकजुट होकर ग्रामीणों ने कैंडल मार्च निकाला और मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

गांव के मुख्य चौक से प्रारंभ होकर निकाले गए कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवावर्ग, महिलाएं व वरिष्ठ नागरिक सम्मिलित हुए। हाथों में जलती मोमबत्तियां और राष्ट्रभक्ति के नारों के साथ ग्रामीणों ने आतंकवाद के खिलाफ अपना गुस्सा और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।

Advertisement's
Advertisement’s

आतंकवाद के खिलाफ जोरदार नारेबाजी

कैंडल मार्च के पश्चात, अडूका गांव में एक विरोध रैली का आयोजन किया गया, जिसमें “पाकिस्तान मुर्दाबाद”, “आतंकवाद मुर्दाबाद”, “भारत माता की जय” जैसे गगनभेदी नारे लगाए गए। उपस्थित जनसमूह ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दे और सीमापार से हो रहे आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने हेतु निर्णायक कदम उठाए।

ग्रामीणों ने जताई गहरी पीड़ा और आक्रोश

विरोध प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर किया गया हमला मानवता पर सीधा हमला है। देशवासियों के सब्र का बांध टूट चुका है और अब समय आ गया है कि आतंकवाद को पूरी तरह कुचलने के लिए कठोर कार्रवाई की जाए। अडूका गांव के लोगों ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें न्याय दिलाने की मांग उठाई।

Advertisement's
Advertisement’s

राष्ट्रीय एकता का परिचायक बना अडूका

इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में गांव के गणमान्य नागरिकों के अलावा युवा संगठनों और महिला मंडलों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध पूरे देश को एकजुट होकर खड़ा होना होगा। अडूका का यह आयोजन राष्ट्रीय एकता, साहस और आतंकवाद के खिलाफ देश के अडिग संकल्प का प्रतीक बन गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!