सूरजगढ़ में सिविल न्यायाधीश मजिस्ट्रेट के भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटित, अधिवक्ताओं ने पटाखे फोड़े, मिठाई खिलाकर एक दूसरे को दी बधाई

सूरजगढ़, 27 फरवरी, 2025: जिला कलेक्टर झुंझुनू ने सूरजगढ़ में सिविल न्यायाधीश मजिस्ट्रेट के भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटित की है। यह भूमि खसरा नंबर 1599/770 और 1600/770 में स्थित है, जिसका कुल क्षेत्रफल 1820 वर्ग मीटर है।

यह भूमि सूरजगढ़ में न्यायालय सिविल न्यायाधीश मजिस्ट्रेट के भवन निर्माण के लिए निःशुल्क आवंटित की गई है। इसका उद्देश्य न्यायालय के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा प्रदान करना है।

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भूमि आवंटन पर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने 315 दिन से चला आ रहा धरना समाप्त कर दिया। इस मौके पर अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाला कर पटाखे फोड़े व एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी व्यक्त की।

अभिभाषक संघ अध्यक्ष सोमवीर सिंह ने बताया कि संघ द्वारा सिविल न्यायाधीश मजिस्ट्रेट के भवन निर्माण के लिए कुल 4500 वर्गमीटर भूमी की मांग की गई थी जिसमें से 1820 वर्गमीटर भूमि जिला कलक्टर द्वारा स्वीकृत की गई है। शेष भूमि तहसील परिसर के बाहर है जो नगरपालिका के अधीन है।

नगरपालिका ईओ ने शेष बची भूमि 45 दिन में न्यायाधीश मजिस्ट्रेट के भवन निर्माण हेतु देने का आश्वासन दिया है।

अधिवक्ता सोमवीर सिंह ने कहा कि अगर 45 दिन के अंदर उक्त भूमि आवंटित नहीं की जाती है तो अभिभाषक संघ फिर से आंदोलन का रुख अपनाएगा।

इस मौके पर अभिभाषक संघ सचिन अभिषेक सेवदा, अजय जडेजा, राकेश वर्मा, कपिल पाराशर, रतनलाल, मदन सिंह राठौड़, हवा सिंह चौहान, शिवराज राठौड़, पवन कुमावत, कैलाश वर्मा ,मनोज डिग्रवाल, रामेश्वर दयाल, अनिल शर्मा, अंकित शर्मा, सुरेश दानोदिया, कृष्ण पाल सिंह, दीपक सैनी, जितेंद्र सिंह, रविंद्र, राजेश चिरानिया, पीयूष शर्मा, प्रदीप शर्मा, संदीप राव, संजू तंवर, राजेश शर्मा, भारत भूषण शर्मा सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

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भूमि आवंटन की शर्तें

आवंटित भूमि का उपयोग केवल उसी कार्य के लिए किया जाएगा जिसके लिए इसे आवंटित किया गया है।
आवंटित भूमि को राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के बिना किसी अन्य उपयोग में नहीं लिया जा सकता है और न ही इसे हस्तांतरित किया जा सकता है।
यदि आवंटित भूमि का उपयोग आवंटन के उद्देश्य के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिए किया जाता है, तो आवंटन आदेश को रद्द किया जा सकता है।
नक्शा ट्रेस आदेश का हिस्सा होगा।

यह भूमि आवंटन सूरजगढ़ में न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय लोगों को बेहतर न्यायिक सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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