महाकुंभ: ममता कुलकर्णी का आध्यात्मिक रूपांतरण, किन्नर अखाड़ा ने बनाया महामंडलेश्वर

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: बॉलीवुड अभिनेत्री रही ममता कुलकर्णी अब आध्यात्मिक मार्ग पर चल पड़ी हैं। उन्होंने प्रयागराज में महाकुंभ के अवसर पर संन्यास ग्रहण कर लिया है और अब उन्हें किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर के रूप में जाना जाएगा। शुक्रवार को उन्होंने संगम तट पर पिंडदान किया और संन्यास की दीक्षा ली। अब उनका नया नाम श्री यामाई ममता नंद गिरी होगा।

महामंडलेश्वर के रूप में किया गया पट्टाभिषेक

ममता कुलकर्णी के संन्यास लेने के बाद किन्नर अखाड़े ने उनका पट्टाभिषेक कर महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की। इस समारोह के दौरान किन्नर अखाड़े के आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने उन्हें संन्यास की विधिवत दीक्षा दी। इसके बाद ममता कुलकर्णी ने घोषणा की कि वह अब संगम, काशी और अयोध्या की यात्रा पर जाएंगी।

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23 साल पहले ली थी दीक्षा, अब बनीं संन्यासिनी

ममता कुलकर्णी ने बताया कि उन्होंने 23 वर्ष पहले कुपोली आश्रम में अपने गुरु चैतन्य गगन गिरि से दीक्षा ली थी, लेकिन अब पूरी तरह से संन्यासिनी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा, “महाकुंभ जैसे पावन अवसर पर संन्यास लेना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यह सब महादेव, महाकाली और मेरे गुरु के आदेश से हुआ है।”

समर्पित भाव से करेंगी समाज सेवा

महामंडलेश्वर बनने के बाद ममता कुलकर्णी ने कहा कि अब वह संन्यासिनी के रूप में किन्नर समाज, सनातन धर्म और महिलाओं के हित में कार्य करेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनका यह निर्णय ईश्वर की भक्ति और साधना के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।

ममता कुलकर्णी: बॉलीवुड से अध्यात्म तक का सफर

ममता कुलकर्णी ने 1992 में फिल्म “तिरंगा” से अपने करियर की शुरुआत की थी। 1993 में उन्हें फिल्म “आशिक आवारा” के लिए फिल्मफेयर अवार्ड मिला था। उन्होंने “सबसे बड़ा खिलाड़ी”, “करण-अर्जुन”, “बाजी” और “वक्त हमारा है” जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया।

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साल 2002 में उन्होंने बॉलीवुड को अलविदा कह दिया, जिसके बाद वह दोबारा 2016 में सुर्खियों में आईं, जब ड्रग्स सप्लाई मामले में उनका नाम सामने आया था।

2013 में लिखी थी आत्मकथा

ममता कुलकर्णी ने 2013 में अपनी किताब “ऑटोबायोग्राफी ऑफ एन योगिनी” का विमोचन किया था। इस पुस्तक में उन्होंने लिखा था कि उनका जन्म साधना और ईश्वर की आराधना के लिए हुआ है, और इसी वजह से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दी।

ढाई दशक विदेश में बिताने के बाद भारत लौटीं

2000 में भारत छोड़ने के बाद ममता कुलकर्णी करीब 24 वर्षों तक विदेश में रहीं। उन्होंने 2024 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर बताया था कि भारत लौटते ही वह भावुक हो गई थीं। उन्होंने कहा था, “जब मेरी फ्लाइट भारत में लैंड हुई, तो मैं अपने आंसू रोक नहीं पाई। इतने वर्षों में बहुत कुछ बदल गया है।” चर्चा है कि वह अमेरिका में रहीं, लेकिन उन्होंने खुद किसी स्थान की पुष्टि नहीं की है।

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