लखनऊ, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कई मुद्दों पर तीखी टिप्पणियां की। उन्होंने मंदिर-मस्जिद विवाद, जमीन अधिग्रहण, ईवीएम, और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे विषयों पर सवाल उठाए। रविवार को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने योगी सरकार की नीतियों और योजनाओं को लेकर कटाक्ष किया।

मुख्यमंत्री आवास की खुदाई की मांग

अखिलेश यादव ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हो रही खुदाई को लेकर योगी सरकार पर चुटकी ली। उन्होंने कहा, “जब से खुदाई हो रही है, मुझे कुछ याद आ रहा है। मुख्यमंत्री आवास में भी शिवलिंग है, वहां भी खुदाई होनी चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि वहां खुदाई में कुछ मिलेगा। हमें सबको मिलकर इसकी तैयारी करनी चाहिए।”

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा खुदाई के मुद्दे को जानबूझकर उछाला जा रहा है ताकि जनता का ध्यान अन्य महत्वपूर्ण विषयों से हटाया जा सके।

जमीन अधिग्रहण और आर्थिक नीतियों पर सवाल

अखिलेश यादव ने सरकार की औद्योगिक नीतियों और जमीन अधिग्रहण के प्रयासों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “1.5 लाख एकड़ जमीन 2027 तक अधिग्रहित करनी है, लेकिन सरकार के पास इसके लिए कोई ठोस योजना नहीं है। यूपी को इकोनॉमी का पावर हाउस बताने वाले विज्ञापनों के बावजूद जमीन अधिग्रहण और औद्योगिक विकास के मोर्चे पर सरकार विफल रही है।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने कई बड़े समझौते (MoUs) किए हैं, लेकिन उनके पीछे की सच्चाई यह है कि इनमें से अधिकांश पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।

ईवीएम पर जर्मनी का उदाहरण दिया

ईवीएम को लेकर भी अखिलेश यादव ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “जर्मनी जैसे देश ने ईवीएम को नकार दिया है। वहां सुप्रीम कोर्ट में बहस के बाद ईवीएम को हटा दिया गया और अब बैलेट पेपर का उपयोग किया जा रहा है। भारत में भी इस पर चर्चा होनी चाहिए।”

गंगा एक्सप्रेस-वे और कुंभ को लेकर सवाल

गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि इसे कुंभ से पहले शुरू होना था, लेकिन सरकार इसे समय पर पूरा नहीं कर सकी। उन्होंने कहा, “जब कांग्रेस की सरकार थी, तब मैंने 4 लेन रोड बनाने की मांग की थी, लेकिन इसे अनदेखा किया गया। वर्तमान सरकार विकास के बजाय विनाश की रेखा खींच रही है।”

महंगाई, रोजगार और गन्ना किसानों पर कटाक्ष

अखिलेश यादव ने राज्य में बढ़ती महंगाई, बिजली दरों में वृद्धि, और बेरोजगारी पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा, “गन्ने का क्या रेट चल रहा है? क्या गन्ने का मूल्य दोगुना हुआ है? बिजली महंगी है और नौकरियां नहीं हैं। सरकार इन मुद्दों पर चुप है।”

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