संभल, उत्तर प्रदेश: रविवार को जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस और जिला प्रशासन सक्रिय कार्रवाई कर रहे हैं। पुलिस ने नखासा इलाके में हुई हिंसा में शामिल दंगाइयों की पहचान के लिए 39 तस्वीरें जारी की हैं। इन नकाबपोश दंगाइयों की पहचान के लिए आम जनता से अपील की गई है। प्रशासन द्वारा इस मामले में शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है।

पुलिस पर हमले और लूट की घटना

नखासा इलाके में रविवार दोपहर 12:35 पर हिंसा भड़क उठी। पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला करते हुए उनकी पिस्तौल छीनने की कोशिश की। दंगाइयों ने 9 एमएम मैगजीन समेत 10 कारतूस लूट लिए। हिंसक भीड़ ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए हॉकी, डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला किया।

इस दौरान नखासा चौक पर भीड़ ने सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और पुलिस की गाड़ी में आग लगा दी। एफआईआर में गुलबदीन, सुल्तान, हसन, मुन्ना पुत्र जब्बार, फैजान और समद सहित कई लोगों को नामजद किया गया है।

27 गिरफ्तार, 12 एफआईआर दर्ज

पुलिस ने अब तक हिंसा के मामले में 27 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार व्यक्तियों की उम्र 14 से 72 वर्ष के बीच है। पुलिस ने कुल 12 एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

हिंसा में सांसद और विधायक के बेटे पर आरोप

पुलिस ने इस मामले में संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और स्थानीय विधायक के बेटे सुहैल इकबाल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। उन पर हिंसा भड़काने और लोगों को उकसाने का आरोप है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शुक्रवार, 19 तारीख की घटनाओं के आधार पर इन पर मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर उनकी भूमिका प्रमाणित की जाएगी।

चार लोगों की मौत और पुलिसकर्मियों की चोटें

रविवार को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने हिंसा में शामिल 100 से अधिक पत्थरबाजों की पहचान की है।

पुलिस ने आम जनता से मांगी मदद

दंगाइयों की पहचान के लिए पुलिस ने 39 तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे संदिग्धों की पहचान कर प्रशासन को सूचित करें। यह प्रयास हिंसा में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए किया जा रहा है।

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