जयपुर, 4 अगस्त 2024: राजस्थान सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पुलिस बल में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही, पेंशनभोगियों को पांच प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता दिए जाने और 3,150 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटित करने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली।

महिलाओं के लिए रोजगार और सुरक्षा में बढ़ोतरी

बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा ने जानकारी देते हुए बताया, “हमने विधानसभा चुनाव से पहले ‘आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र-2023′ में महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस बल में महिलाओं के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत आरक्षण का वादा किया था।’ उन्होंने कहा कि इसी संबंध में आज मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थान पुलिस अधीनस्थ सेवा नियम, 1989 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया तथा कार्मिक विभाग इस बारे में शीघ्र अधिसूचना जारी करेगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से राज्य में महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और पुलिस बल में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। साथ ही, महिलाओं से जुड़े मामलों में पुलिस की संवेदनशीलता और दक्षता में भी सुधार होगा।

सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय

राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के हित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बैरवा ने बताया कि मंत्रिमंडल ने राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियम, 1996 के नियम 67 और 87 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिवार में अन्य पात्र सदस्य न होने पर स्थायी रूप से दिव्यांग बच्चों, आश्रित माता-पिता और दिव्यांग भाई-बहनों का नाम भी पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) में शामिल किया जा सकेगा।

पेंशनभोगियों को राहत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में राजस्थान विनियोग एवं वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान 70 से 75 वर्ष के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए पांच प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता देने की घोषणा की थी। इस घोषणा के अनुरूप, मंत्रिमंडल ने राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियम, 1996 के नियम 54बी को प्रतिस्थापित किए जाने की मंजूरी दी।

सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन

विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि मंत्रिमंडल ने 3,150 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की स्वीकृतियां दी हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं की स्थापना से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।

इस फैसले से राज्य सरकार ने न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, बल्कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए भी राहत प्रदान की है। साथ ही, सौर ऊर्जा के क्षेत्र में विकास कर रोजगार और राजस्व बढ़ाने की दिशा में भी सार्थक प्रयास किया है।।

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