नई दिल्ली, 30 अगस्त 2024: इस्लामाबाद में आगामी 15 और 16 अक्टूबर को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है, जिसके लिए पाकिस्तान सरकार ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रण भेजा है। हालांकि, पाकिस्तान के इस कदम के बावजूद भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। इसी कड़ी में, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अब पाकिस्तान से बातचीत का समय समाप्त हो चुका है।

दिल्ली में पुस्तक विमोचन के दौरान विदेश मंत्री का बयान

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राजधानी दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान पाकिस्तान के प्रति भारत के रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि हर चीज का एक समय होता है और हर काम का अंत होना तय है। जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां धारा 370 को खत्म कर दिया गया है, जो इस मुद्दे का अंत है। जयशंकर ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब हमें पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार के संबंध पर विचार करने की आवश्यकता नहीं है।

“हम पाकिस्तान को हर स्थिति में जवाब देने के लिए तैयार हैं”

समारोह के दौरान, विदेश मंत्री जयशंकर से पूछा गया कि भारत पाकिस्तान के साथ किस प्रकार के संबंधों पर विचार कर सकता है। इस पर उन्होंने दो टूक जवाब देते हुए कहा, “हम निष्क्रिय नहीं हैं। चाहे घटनाएं सकारात्मक दिशा में जाएं या नकारात्मक, हम हर स्थिति में पाकिस्तान को जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्हें सही रुख दिखाना होगा।”

आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति

यह पहली बार नहीं है जब विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान के प्रति इस प्रकार का सख्त रुख अपनाया है। इससे पहले, मई में CII की एक बैठक में उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान को पहले सीमा पार से आतंकवाद का समर्थन देना बंद करना होगा। जयशंकर ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति जीरो टॉलरेंस की रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपनी छवि में सुधार लाना होगा और पहले अपना मन बनाना होगा।

बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन पर नजर

इसके साथ ही, विदेश मंत्री जयशंकर ने बांग्लादेश में हो रहे सत्ता परिवर्तन पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हम वहां की तत्कालीन सरकार से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और संभवतः ये नए परिवर्तनों के कारण कुछ विघटनकारी हो सकते हैं। जयशंकर ने जोर दिया कि हमें वहां भी परस्पर बने रहने की आवश्यकता है और हम हालात पर पूरी नजर बनाए हुए हैं।

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