दक्षिण चीन सागर में फिर बढ़ा तनाव: चीनी और फिलीपीन जहाजों में टक्कर

बीजिंग/मनीला, 19 अगस्त 2024: दक्षिण चीन सागर में तनाव फिर से बढ़ता नजर आ रहा है, जब सोमवार सुबह चीनी तटरक्षक बल और फिलीपींस के एक जहाज के बीच टक्कर की घटना सामने आई। चीनी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि फिलीपींस का जहाज चेतावनियों की अनदेखी करते हुए जानबूझकर उनके जहाज से टकराया। इस घटना ने इस विवादित क्षेत्र में एक बार फिर से गंभीर स्थिति पैदा कर दी है।

घटना का विवरण

चीनी तटरक्षक बल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दो जहाजों के बीच हुई टक्कर को दिखाया गया है। यह घटना दक्षिण चीन सागर के सेकंड थॉमस शोल इलाके में हुई, जिसे लेकर चीन और फिलीपींस के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। चीनी तटरक्षक बल के प्रवक्ता गान यू ने बताया कि फिलीपींस के दो तटरक्षक जहाजों ने बिना अनुमति के चीन के जल क्षेत्र में अवैध घुसपैठ की। इस पर चीनी बलों ने फिलीपींस के जहाजों को रोकने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद फिलीपींस का जहाज चीनी जहाज से टकरा गया।

चीनी प्रतिक्रिया

चीन ने इस टक्कर को जानबूझकर किया गया हमला बताया है और कहा कि यह उनके जलक्षेत्र की संप्रभुता का उल्लंघन है। चीन ने फिलीपींस को चेतावनी दी है कि अगर इस तरह की घटनाएं दोहराई गईं, तो उसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। चीनी तटरक्षक बल ने इस घटना के बाद फिलीपींस के जहाजों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही है।

फिलीपींस का पक्ष

दूसरी ओर, फिलीपींस ने चीन के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उनका जहाज अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र में था और चीन की ओर से अवैध रूप से घुसपैठ की जा रही थी। फिलीपींस सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, “हमारे जहाज ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहते हुए ही कार्रवाई की। हम अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

हालिया समझौता और विवाद

यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में चीन और फिलीपींस के बीच एक समझौता हुआ था, जिसका उद्देश्य सेकंड थॉमस शोल में तनाव को कम करना था। यह द्वीप वर्तमान में फिलीपींस के कब्जे में है, लेकिन चीन भी इस पर दावा करता है। समझौते का उद्देश्य किसी भी पक्ष के क्षेत्रीय दावों को स्वीकार किए बिना ऐसी व्यवस्था बनाना था, जो दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य हो।

हालांकि, इस टक्कर ने समझौते के सफल होने पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद दक्षिण चीन सागर में तनाव और बढ़ सकता है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पैदा हो सकता है।

दक्षिण चीन सागर का विवाद

दक्षिण चीन सागर पर चीन का अधिकांश क्षेत्र पर दावा है, जिसे वह “नाइन-डैश लाइन” के रूप में दर्शाता है। हालांकि, 2016 में हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने इस दावे को खारिज कर दिया था और कहा था कि इस क्षेत्र पर चीन के दावों का कोई कानूनी आधार नहीं है। यह निर्णय संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) पर आधारित था, जिसे चीन ने अस्वीकार कर दिया।

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