नई दिल्ली: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया। यह उनका लगातार सातवां बजट प्रस्तुतीकरण था। इस बजट में 48,20,512 करोड़ रुपए का व्यय प्रस्तावित किया गया है। वित्तमंत्री ने बजट भाषण में देश के आय-व्यय का विवरण दिया, जिसमें यह बताया गया कि सरकार के पास कितना पैसा कहां से आता है और वह कहां खर्च होता है।
आय का स्रोत: सरकार को कहां से मिलता है पैसा?
वित्तमंत्री ने बजट में स्पष्ट किया कि 2024-25 में सरकार के आय का प्रमुख स्रोत निम्नलिखित होंगे:
- आयकर (Income Tax): 19%
आयकर से सरकार को सबसे अधिक आय होती है, जिसमें व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट आयकर शामिल हैं। - जीएसटी एवं अन्य कर (GST and Other Taxes): 18%
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और अन्य कर सरकार के लिए दूसरा सबसे बड़ा आय स्रोत हैं। - निगम कर (Corporation Tax): 17%
निगम कर के जरिए बड़ी कंपनियों से प्राप्त होने वाली आय भी महत्वपूर्ण है। - कर भिन्न प्राप्तियां (Non-Tax Receipts): 9%
सरकारी उपक्रमों, सेवाओं और अन्य स्रोतों से सरकार को गैर-कर राजस्व प्राप्त होता है। - केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty): 5%
विभिन्न उत्पादों पर लगने वाले उत्पाद शुल्क से भी सरकार को आय होती है। - सीमा शुल्क (Customs Duty): 4%
आयातित वस्तुओं पर लगने वाला सीमा शुल्क भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण आय स्रोत है। - ऋण भिन्न पूंजीगत प्राप्तियां (Debt Non-Capital Receipts): 1%
विभिन्न ऋण योजनाओं और अन्य साधनों से प्राप्त पूंजी। - उधारी और अन्य देयताएं (Borrowings and Other Liabilities): 27%
सरकार की उधारी और अन्य देयताएं कुल बजट का 27% हिस्सा होती हैं, जो आय का सबसे बड़ा स्रोत है।
खर्च का विवरण: सरकार कहां करती है व्यय?
सरकार अपने आय को विभिन्न क्षेत्रों में खर्च करती है, जिनमें से प्रमुख निम्नलिखित हैं:
- करों एवं शुल्कों में राज्य का हिस्सा (State’s Share in Taxes and Duties): 21%
यह राशि राज्यों को दी जाती है ताकि वे अपनी जरूरतों को पूरा कर सकें। - ब्याज भुगतान (Interest Payment): 19%
सरकार की उधारी पर चुकाए जाने वाले ब्याज का महत्वपूर्ण हिस्सा। - केंद्रीय क्षेत्र स्कीम (Central Sector Scheme): 16%
विभिन्न सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं पर खर्च। - वित्त आयोग और अन्य अंतरण (Finance Commission and Other Transfers): 9%
विभिन्न केंद्रीय और राज्य आयोगों को दिए जाने वाले धनराशि। - रक्षा (Defence): 8%
देश की रक्षा जरूरतों पर खर्च की जाने वाली राशि। - केंद्रीय प्रायोजित योजनाएं (Centrally Sponsored Schemes): 8%
विभिन्न विकास योजनाओं पर खर्च, जो केंद्र द्वारा प्रायोजित होती हैं। - सब्सिडी (Subsidy): 6%
जरूरतमंदों को दी जाने वाली सब्सिडी और अन्य सहायता। - पेंशन (Pension): 4%
सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों को दी जाने वाली पेंशन। - अन्य व्यय (Other Expenditure): 9%
विभिन्न अन्य खर्च, जो अन्य वर्गों में शामिल नहीं होते।





