G7 के लिए इटली में PM मोदी, आउटरीच सेशन के अलावा मैक्रों, सुनक, मेलोनी और जापानी PM से होगी मुलाकात

इटली, 13 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इटली पहुंचे हैं। इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान, PM मोदी आउटरीच सत्रों में हिस्सा लेंगे और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और जापान के प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।

G7 शिखर सम्मेलन और भारत की भागीदारी

G7 शिखर सम्मेलन, जो विश्व के प्रमुख विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं का मंच है, में भारत एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में आमंत्रित है। PM मोदी का इस सम्मेलन में शामिल होना भारत की वैश्विक कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। इस शिखर सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिरता और तकनीकी नवाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें

PM मोदी की फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ होने वाली बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की उम्मीद है। भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं, और यह बैठक इन संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ बैठक में व्यापार, निवेश और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बात होगी। भारत और ब्रिटेन के बीच हाल ही में मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी प्रगति हुई है, और यह बैठक उस दिशा में और आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ होने वाली बैठक में दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। भारत और इटली के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं, और यह बैठक उन्हें और सुदृढ़ करेगी।

जापान के प्रधानमंत्री के साथ बैठक में दोनों देशों के बीच तकनीकी और आर्थिक सहयोग पर चर्चा होगी। भारत और जापान के बीच हाल ही में कई परियोजनाओं पर सहयोग बढ़ा है, और यह बैठक इस दिशा में और प्रगति करेगी।

आउटरीच सत्र

G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्रों में PM मोदी जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य और सतत विकास पर विचार-विमर्श करेंगे। इन सत्रों में अन्य देशों के नेताओं के साथ मिलकर वैश्विक मुद्दों पर समाधान ढूंढने के प्रयास किए जाएंगे। भारत की इस भागीदारी से वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका और प्रभाव को और बढ़ावा मिलेगा।

संक्षेप में

PM मोदी की G7 शिखर सम्मेलन में भागीदारी और उनकी द्विपक्षीय बैठकें भारत की वैश्विक कूटनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यह यात्रा भारत के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक मंच पर उसकी स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की जा रही है। सम्मेलन के दौरान होने वाली चर्चाएं और समझौते आने वाले समय में भारत की वैश्विक नीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेंगे।

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