झुंझुनू, 2 मई 2024: जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने आज नवलगढ़ क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न सरकारी संस्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजनाओं की क्रियान्वयन स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की उपस्थिति कम मिली:

सबसे पहले जिला कलेक्टर जोहड़ की ढाणी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं। यहां उन्होंने पाया कि 6 में से केवल 4 बच्चे ही उपस्थित थे। उन्होंने बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा और पोषाहार की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। जिला कलेक्टर ने उपस्थित बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछताछ की और उन्हें प्री-प्राइमरी शिक्षा के महत्व के बारे में समझाया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निर्देश दिए कि वे सभी बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी आने के लिए प्रेरित करें और उन्हें बेहतर शिक्षा प्रदान करें।

स्कूल में मिड-डे मील की गुणवत्ता का निरीक्षण:

जिला कलेक्टर ने जोहड़ की ढाणी स्थित महात्मा गांधी राउमावि का भी दौरा किया। उन्होंने यहां मिड-डे मील के तहत पकाए गए दाल-चावल को खुद चखा और उसकी गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने छात्रों को अंग्रेजी और गणित विषय में विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। जिला कलेक्टर ने स्कूल प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि वे सभी छात्रों की शिक्षा पर ध्यान दें और उन्हें बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

अस्पताल में मरीजों को हो रही परेशानी का समाधान:

नवलगढ़ निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर कस्बे के राजकीय उप जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने पाया कि अस्पताल में रजिस्ट्रेशन काउंटर कम होने के कारण मरीजों को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। जिला कलेक्टर ने तत्काल अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित करने और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि रजिस्ट्रेशन काउंटर पर ही मरीजों से पूछकर पर्ची पर चिकित्सक का नाम अंकित किया जाए, ताकि यह पता चल सके कि प्रत्येक चिकित्सक द्वारा कितने मरीजों को देखा जाता है।

अस्पताल में दवा वितरण और लैब की व्यवस्था में सुधार के निर्देश:

जिला कलेक्टर ने दवा वितरण केंद्रों पर भीड़ देखकर वहां व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रभारी को निर्देश दिए कि वे गायनिक चिकित्सकों को सोनोग्राफी के प्रशिक्षण दिलवाएं। उन्होंने लैब में सैंपल देने वालों की लंबी लाइन को देखकर प्रभारी को कर्मचारियों के कार्य की गति बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने लैब के पास बने टीकाकरण कक्ष को अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।

अस्पताल में सुविधाओं को बढ़ाने के निर्देश:

जिला कलेक्टर ने अस्पताल में एक अतिरिक्त एक्स-रे मशीन खरीदने और आईपीडी काउंटर को अलग से बनाने की बात कही। उन्होंने अस्पताल की पार्किंग क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगवाने, चिकित्सालय में लिफ्ट लगवाने और लेबर रूम में आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश दिए।

निजी लैब की जांच के निर्देश:

जिला कलेक्टर ने ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे निजी लैब की जांच करें कि वे नियमानुसार संचालित हो रही हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि लैब में जांच करवाने आने वाले मरीजों को उनके मोबाइल पर ही जांच रिपोर्ट भिजवाने की व्यवस्था की जाए।

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