चिड़ावा: थाना पुलिस ने यातायात कार्मिक पर जानलेवा हमला कर फरार हुए 5000 रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर सुनील यादव को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। एमवी एक्ट की कार्रवाई के दौरान बोलेरो कैंपर से टक्कर मारकर भागे आरोपी की तलाश पिछले कई महीनों से चल रही थी। आरोपी के खिलाफ पहले से ही मारपीट और अपहरण जैसे गंभीर मामलों का आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।
यातायात ड्यूटी के दौरान किया था जानलेवा हमला
घटना 1 अगस्त 2025 की है, जब चिड़ावा के कबूतर खाना खेतड़ी रोड पर यातायात ड्यूटी के दौरान शीशराम, जो उस समय ड्यूटी पर तैनात थे, ने संदिग्ध बोलेरो कैंपर को रोकने का इशारा किया। शुरुआत में वाहन रोका गया, लेकिन कुछ ही सेकेंड में चालक ने जान से मारने की नीयत से वाहन आगे बढ़ाते हुए शीशराम के पैर पर टायर चढ़ा दिया और सूरजगढ़ रोड की ओर फरार हो गया। इस हमले में यातायात कर्मी के पैर में गंभीर चोट आई, जबकि पीछे हटकर उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई।
आरोपी की पहचान और दर्ज हुआ गंभीर मुकदमा
जांच के दौरान सामने आया कि बोलेरो कैंपर नंबर आरजे 10 जीए 8734 को सुनील यादव चला रहा था, जो लाखू गांव का निवासी है। घटना के बाद पुलिस थाना चिड़ावा में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं 121(1), 121(2), 132 और 109(1) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। आरोपी द्वारा न केवल राजकार्य में बाधा डाली गई, बल्कि सरकारी कर्मचारी की हत्या का प्रयास भी किया गया।
फरारी, इनाम और टॉप टेन सूची में नाम
घटना के बाद से ही सुनील यादव फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस थाना चिड़ावा की टॉप टेन वांछित सूची में नाम जोड़ा गया और 5000 रुपये का इनाम घोषित किया गया। इस बीच आरोपी फरारी काटने के लिए ट्रकों पर मजदूरी करता रहा और जयपुर, नागौर, जोधपुर, जैसलमेर, मनाली और उत्तर प्रदेश जैसे विभिन्न स्थानों पर छिपता रहा।
बोलेरो कैंपर पहले ही हो चुकी थी जब्त
पुलिस जांच के दौरान घटना में प्रयुक्त बोलेरो कैंपर को 13 दिसंबर 2025 को जब्त कर लिया गया था। इसके बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जाती रही।
मुखबिर की सूचना पर चिड़ावा से गिरफ्तारी
6 जनवरी 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि वांछित आरोपी अपने एक परिचित से मिलने चिड़ावा आया हुआ है। सूचना मिलते ही गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कस्बा चिड़ावा से सुनील यादव को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने घटना के बाद लगातार फरारी की बात स्वीकार की।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुनील यादव के खिलाफ पहले भी मारपीट और अपहरण के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य आपराधिक गतिविधियों को लेकर गहन अनुसंधान में जुटी हुई है।
चिड़ावा थानाधिकारी आशाराम गुर्जर के नेतृत्व में गठित टीम ने इस इनामी आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।





