प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की बैंकॉक में मुलाकात, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की बैंकॉक में मुलाकात, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग पर हुई चर्चा

बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान भारत-बांग्लादेश वार्ता, शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठा

बैंकॉक, थाईलैंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की शुक्रवार को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में मुलाकात हुई। यह बैठक बिम्सटेक (बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग उपक्रम) समूह के शिखर सम्मेलन के इतर हुई, जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे।

यह बैठक विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले वर्ष अगस्त में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने और देश छोड़ने के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की यह पहली आधिकारिक वार्ता थी। इस कारण इस बैठक पर भारत और बांग्लादेश के साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजरें टिकी थीं।

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बांग्लादेश ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया

बैठक के दौरान बांग्लादेश सरकार ने भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया। बांग्लादेश सरकार चाहती है कि शेख हसीना को उनके खिलाफ चल रहे मामलों के तहत वापस लाया जाए। हालांकि, भारत सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

इस बैठक से ठीक पहले भारत की संसद में बांग्लादेश को लेकर कई सवाल उठाए गए थे, जिसमें वहां अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों के उल्लंघन की घटनाओं पर भी चर्चा की गई थी।

भारत-बांग्लादेश संबंधों में आई दरार

बांग्लादेश वर्तमान में बिम्सटेक समूह का आगामी अध्यक्ष है, लेकिन देश में जारी राजनीतिक अस्थिरता ने भारत-बांग्लादेश संबंधों को प्रभावित किया है। शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव देखने को मिला था।

इस बीच, मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने हाल ही में चीन की यात्रा के दौरान बीजिंग से बांग्लादेश में अपना आर्थिक प्रभाव बढ़ाने का आग्रह किया था। उन्होंने चीन को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को व्यापारिक दृष्टि से एक अवसर के रूप में देखने की सलाह दी थी। उनके इस बयान से भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद बांग्लादेशी अधिकारियों को सफाई देनी पड़ी।

रणनीतिक और आर्थिक सहयोग पर चर्चा

बैंकॉक में हुई इस बैठक को भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने को लेकर बातचीत हुई। हालांकि, इस वार्ता की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, भारत-बांग्लादेश व्यापार समझौतों, सुरक्षा सहयोग और बांग्लादेश में भारत समर्थित विकास परियोजनाओं को लेकर भी चर्चा हुई।

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बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठा

इससे पहले भारत सरकार ने संसद में स्पष्ट किया था कि बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हो रही हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं पर वह सतर्क है। विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भारत सरकार ने इस मुद्दे को विभिन्न मंचों पर बांग्लादेश सरकार के समक्ष उठाया है।

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